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महिलाओं की आत्मनिर्भरता की ओर नई पहल: रायपुर जिले में दीदियों ने शुरू की औषधीय एवं सुगंधित पौधों की खेती

रायपुर, 19 जुलाई 2025/ महिलाओं को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने की दिशा में रायपुर जिले में एक अभिनव प्रयास प्रारंभ किया गया है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की दूरदर्शी मंशा और कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के निर्देशन में, जिले की महिला स्व-सहायता समूहों (दीदियों) ने औषधीय एवं सुगंधित पौधों की खेती की शुरुआत की है। यह पहल बिहान योजना के अंतर्गत जिला पंचायत सीईओ श्री कुमार बिश्वरंजन के नेतृत्व में संचालित की जा रही है।

इस योजना के प्रथम चरण में आरंग विकासखंड की तीन ग्राम पंचायतों—बनचरोदा, छटेरा और चटोद—का चयन किया गया है। यहां की पंचायत भूमि और कुछ व्यक्तिगत जमीनों पर लगभग 14 एकड़ क्षेत्र में औषधीय पौधों जैसे बच, खस और ब्राह्मी का रोपण किया जा रहा है। इस परियोजना में महिला समूहों को CSIR–केन्द्रीय औषधीय एवं सुगंधित पौधा संस्थान और राष्ट्रीय औषधीय पौधा बोर्ड (Medicinal Plant Board) से तकनीकी मार्गदर्शन प्राप्त हो रहा है।

विशेष बात यह है कि औषधीय पौधों की नर्सरी महिला समूहों को नि:शुल्क उपलब्ध कराई जा रही है, और जब यह फसल तैयार होगी, तब इसका कच्चा माल औषधि बोर्ड द्वारा खरीदा जाएगा और उसका लाभ सीधे महिला समूहों को मिलेगा। इससे महिलाओं की आय में बढ़ोतरी, आर्थिक आत्मनिर्भरता और सामाजिक सशक्तिकरण सुनिश्चित किया जा सकेगा।

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यह पहल केवल एक कृषि कार्यक्रम नहीं, बल्कि स्वास्थ्य, पर्यावरण और महिला सशक्तिकरण से जुड़ा एक बहुआयामी प्रयास है। इससे दीदियों को ना केवल आजीविका के नए साधन मिलेंगे, बल्कि वे प्राकृतिक चिकित्सा और हर्बल उत्पादों के क्षेत्र में अपनी अहम भूमिका भी स्थापित कर सकेंगी।

भविष्य में इस परियोजना को जिले के अन्य ब्लॉकों में भी विस्तारित करने की योजना है, जिससे रायपुर जिले को औषधीय खेती का मॉडल क्षेत्र बनाया जा सके। यह कार्य, जहां एक ओर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नया बल देगा, वहीं दूसरी ओर एक हरित, टिकाऊ और स्वास्थ्यवर्धक समाज की ओर भी कदम होगा।