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तिलहन उत्पादन बढ़ाने पर जोर, अंबिकापुर में राज्य स्तरीय किसान मेले का शुभारंभ

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सरगुजा जिले के अंबिकापुर स्थित राजमोहिनी देवी कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र में दो दिवसीय राज्य स्तरीय तिलहन किसान मेले का उद्घाटन किया। इस मौके पर उन्होंने किसानों से जुड़ी योजनाओं और आधुनिक कृषि तकनीकों को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का अवलोकन किया और तिलहन उत्पादन बढ़ाने के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। उन्होंने “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के तहत साल का पौधा रोपकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया।

किसानों से किए वादों पर सरकार कायम

अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार किसानों से किए गए वादों को लगातार पूरा कर रही है। उन्होंने बताया कि किसानों से धान की खरीदी 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से की जा रही है और अंतर राशि का भुगतान भी किया गया है। उन्होंने किसानों से सीधे संवाद कर योजनाओं के लाभ की जानकारी भी ली।

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तिलहन उत्पादन बढ़ाने की जरूरत

मुख्यमंत्री ने कहा कि देश खाद्यान्न उत्पादन में आत्मनिर्भर है, लेकिन तिलहन के मामले में अभी भी कमी है। वर्तमान में देश अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करता है। इस स्थिति को सुधारने के लिए किसानों को तिलहन फसलों की ओर प्रोत्साहित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि तिलहन उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए प्रति एकड़ 11 हजार रुपये तक प्रोत्साहन राशि देने का प्रावधान किया गया है।

आधुनिक तकनीक और वैकल्पिक आय पर जोर

मुख्यमंत्री ने किसानों से अपील की कि वे वैज्ञानिकों के सुझावों को अपनाएं और आधुनिक कृषि पद्धतियों का उपयोग करें। साथ ही उन्होंने पशुपालन, दुग्ध उत्पादन और मत्स्य पालन जैसे सहायक व्यवसायों को अपनाकर आय बढ़ाने की सलाह दी।

इस अवसर पर कृषि मंत्री राम विचार नेताम सहित कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। विशेषज्ञों ने किसानों को उन्नत बीज, प्रशिक्षण और नई तकनीकों की जानकारी दी। कृषि विश्वविद्यालय के माध्यम से हर वर्ष हजारों किसानों को प्रशिक्षित किया जा रहा है।

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यह दो दिवसीय किसान मेला किसानों के लिए नई तकनीकों, योजनाओं और बाजार संभावनाओं को समझने का एक महत्वपूर्ण मंच बनकर उभरा है।