एक अमर स्वर स्वतंत्रता की धुन में : सुब्रमण्या भारती
महाकवि सुभ्रमण्या भारती: तमिल साहित्य के नवजागरणकर्ता, स्वतंत्रता सेनानी और स्त्री सशक्तिकरण के प्रणेता। उनकी राष्ट्रभक्ति कविताएँ आज भी प्रेरणा स्रोत हैं।
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Read Moreमुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती पर राष्ट्रीय एकता दिवस कार्यक्रम में उन्हें उनके अदम्य साहस और अखंड भारत की नींव रखने के योगदान के लिए याद किया। राज्य में रन फॉर यूनिटी, रंगोली और काव्य पाठ जैसी प्रतियोगिताओं का आयोजन भी किया गया।
Read Moreस्वामी ब्रह्मानंद स्वतंत्रता सेनानी और समाज सुधारक संत थे। उन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन, गौरक्षा और शिक्षा प्रसार में उल्लेखनीय योगदान दिया और सांसद रहते हुए भी अपना जीवन राष्ट्र सेवा को समर्पित किया।
Read Moreभारतीय स्वतंत्रता संग्राम में 1857 की क्रान्ति को सब जानते हैं। यह एक ऐसा सशस्त्र संघर्ष था जो पूरे देश में एक साथ हुआ। इसमें सैनिकों और स्वाभिमान सम्पन्न रियासतों ने हिस्सा लिया। असंख्य प्राणों की आहूतियाँ हुईं थी। इस संघर्ष का सूत्रपात करने वाले स्वाभिमानी सिपाही मंगल पाण्डेय थे।
Read Moreआंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने अमरावती में स्वतंत्रता सेनानी पोत्ति श्रीरामुलु की 58 फीट लंबी प्रतिमा स्थापित करने की घोषणा की। यह प्रतिमा श्रीरामुलु की 58 दिन लंबी भूख हड़ताल की याद में बनाई जाएगी, जिसने आंध्र प्रदेश राज्य के गठन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
Read Moreऐसे चिंतक विचारक और क्राँतिकारी पृथ्वी सिंह आजाद का जन्म 15 सितंबर 1892 को पंजाब प्रांत के मोहाली क्षेत्र अंतर्गत ग्राम लालरू में हुआ था। इन दिनों इस क्षेत्र को साहिबजादा अजीतसिंह नगर के नाम से जाना जाता है।
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