भारतीय संस्कृति में वन्य जीव संरक्षण की लोक परम्परा
विश्व वन्य जीव दिवस 2026 पर भारतीय संस्कृति, वेद, पुराण, महाकाव्य, जैन-बौद्ध दर्शन और लोक परंपराओं में निहित वन्य जीव संरक्षण की परंपरा का विस्तृत विश्लेषण।
Read Moreविश्व वन्य जीव दिवस 2026 पर भारतीय संस्कृति, वेद, पुराण, महाकाव्य, जैन-बौद्ध दर्शन और लोक परंपराओं में निहित वन्य जीव संरक्षण की परंपरा का विस्तृत विश्लेषण।
Read Moreभारतीय संस्कृति प्रकृति को देवत्व का स्वरूप मानती है। वेद, पुराण, उपनिषद और महाकाव्यों में वन, उपवन, पशु और बीज को पवित्र बताया गया है।
Read Moreबिलासपुर जिले का कोपरा जलाशय रामसर स्थल घोषित करने की दिशा में बड़ा कदम। दुर्लभ पक्षियों का सुरक्षित आवास, समृद्ध जैव विविधता और सिंचाई का प्रमुख स्रोत होने के कारण प्रस्ताव केंद्र को भेजा गया।
Read Moreमहर्षि वाल्मीकि जयंती केवल धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि मानव और प्रकृति के गहरे संबंध का प्रतीक है। रामायण में पर्यावरण संरक्षण और जैव विविधता का अद्भुत दर्शन मिलता है।
Read Moreवन्यजीव संरक्षण आज वैश्विक संकट है। जलवायु परिवर्तन, आवास हानि और अवैध शिकार जैसी चुनौतियों के बीच भारत ने प्रोजेक्ट टाइगर, एलीफेंट, डॉल्फिन और चीता जैसी योजनाओं से उल्लेखनीय उपलब्धियाँ हासिल की हैं।
Read Moreविश्व बाँस दिवस पर जानिए बाँस का महत्व—वेदों और लोक परंपराओं से लेकर आज के पर्यावरणीय और सांस्कृतिक संदर्भ तक, यह पौधा क्यों कहलाता है हरा सोना।
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