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सोशल मीडिया कंटेंट हटाने की समय-सीमा और सख्त करने पर विचार, सरकार एक घंटे का विकल्प भी देख रही

केंद्र सरकार सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर आपत्तिजनक और अवैध कंटेंट को हटाने की समय-सीमा को और कम करने पर विचार कर रही है। हाल ही में 2-3 घंटे के भीतर कंटेंट हटाने का नियम लागू करने के बाद अब इसे घटाकर सिर्फ एक घंटे तक करने की संभावना पर शुरुआती स्तर पर चर्चा चल रही है।

सरकारी सूत्रों के मुताबिक, यह फैसला अभी प्रारंभिक चरण में है और इसे लागू किया जाएगा या नहीं, यह सोशल मीडिया कंपनियों के मौजूदा नियमों के पालन पर निर्भर करेगा। यदि कंपनियां 2-3 घंटे की तय समय-सीमा का सही तरीके से पालन करती हैं, तभी आगे इसे और सख्त करने पर निर्णय लिया जा सकता है।

गौरतलब है कि फरवरी में सरकार ने Information Technology (Intermediary Guidelines and Digital Media Ethics Code) Rules, 2021 में संशोधन करते हुए कंटेंट हटाने की समय-सीमा को पहले के 24-36 घंटे से घटाकर 2-3 घंटे कर दिया था। उद्योग जगत के विशेषज्ञों का मानना है कि यह दुनिया में सबसे कम समय-सीमा में से एक है।

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सरकार ऑनलाइन कंटेंट को लेकर अपनी निगरानी व्यवस्था को लगातार मजबूत कर रही है। हाल ही में यह भी संकेत मिले हैं कि गृह, विदेश, रक्षा और सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय को भी Section 69A of the IT Act, 2000 के तहत कंटेंट ब्लॉक करने के अधिकार दिए जा सकते हैं, जो फिलहाल केवल आईटी मंत्रालय के पास हैं।

इसके अलावा, सरकार “अश्लील” कंटेंट की नई परिभाषा तय करने और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर इसके प्रसार को रोकने के लिए नियमों में बदलाव पर भी विचार कर रही है। Section 79(3)(b) of the IT Act, 2000 के तहत भी कंटेंट ब्लॉकिंग की प्रक्रिया को और प्रभावी बनाने की योजना है, जिसे गृह मंत्रालय के ‘सहयोग’ पोर्टल के जरिए संचालित किया जाता है।

हालांकि, सरकार का कहना है कि कार्रवाई केवल अवैध कंटेंट पर ही की जाती है, लेकिन सोशल मीडिया यूजर्स ने शिकायत की है कि हाल के दिनों में व्यंग्यात्मक या सरकार की आलोचना करने वाले पोस्ट भी हटाए गए हैं। कुछ मामलों में पूरे अकाउंट तक ब्लॉक किए जाने की घटनाएं सामने आई हैं।

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तकनीकी कंपनियों ने इस सख्त समय-सीमा को लेकर चिंता जताई है। Meta Platforms के अधिकारियों का कहना है कि इतनी कम समय-सीमा में कंटेंट मॉडरेशन करना संचालन के लिहाज से चुनौतीपूर्ण हो सकता है। उनका यह भी कहना है कि नियमों को लागू करने से पहले उद्योग से व्यापक परामर्श नहीं किया गया।

नई व्यवस्था के तहत अब गैर-सहमति से साझा की गई निजी तस्वीरों या वीडियो को दो घंटे के भीतर हटाना अनिवार्य है, जबकि अन्य अवैध कंटेंट को तीन घंटे के भीतर हटाना होगा। पहले यह समय-सीमा क्रमशः 24 घंटे और 36 घंटे थी।

सरकार का मानना है कि समय-सीमा कम करने से आपत्तिजनक कंटेंट के तेजी से फैलने पर रोक लगेगी। वहीं विशेषज्ञों का कहना है कि इससे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स की जिम्मेदारी के बीच संतुलन बनाना एक बड़ी चुनौती बन सकता है।