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श्रमिक कल्याण और औद्योगिक विकास में छत्तीसगढ़ की नई पहचान, सरकार की योजनाओं से दिख रहे ठोस परिणाम

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार श्रमिकों के कल्याण और औद्योगिक विकास को साथ लेकर आगे बढ़ रही है। राज्य सरकार की नीतियों और योजनाओं का असर अब जमीन पर स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है। सरकार का मानना है कि श्रमिक केवल उत्पादन का हिस्सा नहीं, बल्कि समाज और अर्थव्यवस्था की मजबूत नींव हैं। इसलिए उनके जीवन में सुरक्षा, सम्मान और स्थायित्व लाना प्राथमिकता बनाई गई है।

उद्योग एवं श्रम मंत्री श्री लखनलाल देवांगन के नेतृत्व में विभाग ने बीते समय में कई महत्वपूर्ण पहलें की हैं। श्रमिकों के बच्चों को उत्कृष्ट विद्यालयों में निःशुल्क शिक्षा उपलब्ध कराना ऐसी ही एक बड़ी योजना है, जिसने हजारों परिवारों को नई उम्मीद दी है। इसके साथ ही मेधावी विद्यार्थियों को प्रोत्साहन राशि देकर प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने का काम किया जा रहा है।

सरकार द्वारा श्रमिकों के आर्थिक सशक्तिकरण पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। पिछले दो वर्षों में विभिन्न योजनाओं के माध्यम से करोड़ों रुपये सीधे श्रमिकों के खातों में ट्रांसफर किए गए हैं। इससे पारदर्शिता बढ़ी है और लाभार्थियों तक सहायता समय पर पहुंची है। आवास सहायता, दुर्घटना राहत और अन्य सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से भी श्रमिक परिवारों को राहत मिली है।

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श्रम विभाग की ‘श्रम अन्न योजना’ भी चर्चा में है। इस योजना के तहत मात्र 5 रुपये में पौष्टिक और गरम भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे रोजाना कामकाजी श्रमिकों को बड़ा सहारा मिल रहा है।

वहीं औद्योगिक क्षेत्र में भी छत्तीसगढ़ तेजी से आगे बढ़ रहा है। नई औद्योगिक विकास नीति 2024-30 के तहत निवेश को बढ़ावा देने, रोजगार सृजन और नए उद्योग स्थापित करने पर जोर दिया गया है। राज्य में करोड़ों रुपये के निवेश प्रस्ताव आए हैं, जिससे हजारों युवाओं को रोजगार मिलने की संभावना बनी है।

नवा रायपुर में देश का पहला एआई डाटा सेंटर स्थापित करने की दिशा में हो रही पहल, सेमीकंडक्टर, आईटी और स्टार्टअप क्षेत्र में बढ़ते निवेश ने छत्तीसगढ़ को आधुनिक तकनीकी राज्य के रूप में नई पहचान दी है।

प्रशासनिक सुधारों के तहत ई-निविदा प्रणाली और सिंगल विंडो सिस्टम लागू किए गए हैं, जिससे निवेशकों को सुविधा मिल रही है और कारोबार शुरू करने की प्रक्रिया सरल हुई है।

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सरकार सामाजिक समावेशन पर भी विशेष ध्यान दे रही है। महिला उद्यमियों को बढ़ावा, कामकाजी महिलाओं के लिए हॉस्टल और दूरस्थ क्षेत्रों में औद्योगिक विकास जैसी योजनाएं इस दिशा में अहम कदम मानी जा रही हैं।

राजनीतिक और प्रशासनिक जानकारों का मानना है कि यदि इसी गति से योजनाओं का क्रियान्वयन जारी रहा, तो छत्तीसगढ़ आने वाले वर्षों में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो सकता है।