futuredछत्तीसगढ

रायपुर के मठ पुरैना वार्ड स्थित एसबीआई एटीएम बूथ में फिर फैली गंदगी, बैंक प्रबंधन की लापरवाही उजागर

रायपुर, 2 फरवरी 2026। भारतीय स्टेट बैंक द्वारा छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के मठ पुरैना वार्ड में स्थापित एटीएम बूथ में एक बार फिर कचरा फैलने की स्थिति सामने आई है। लगभग दो महीने पहले भी इस एटीएम बूथ में कागजी कचरा बिखरा हुआ पाया गया था। उस समय मीडिया में फोटो सहित खबर प्रकाशित होने के बाद कुछ दिनों के लिए व्यवस्था में सुधार जरूर दिखाई दिया, लेकिन अब स्थिति फिर पहले जैसी हो गई है।

आज दो फरवरी की शाम इस संवाददाता ने मौके पर देखा कि एटीएम के भीतर और आसपास बड़ी मात्रा में कागजों का कचरा फैला हुआ था। एटीएम से नकद निकालने आने वाले कार्डधारकों को यह दृश्य बेहद खिन्न करने वाला लगा। साफ-सुथरे बैंकिंग माहौल की अपेक्षा लेकर आने वाले लोगों को गंदगी के बीच खड़ा होना पड़ रहा है।

इस समस्या के लिए केवल बैंक प्रबंधन को ही नहीं, बल्कि एटीएम कार्डधारकों को भी जिम्मेदारी लेनी होगी। कई उपभोक्ता लेन-देन के बाद निकलने वाली पर्चियों को वहीं लापरवाही से फेंक देते हैं, जिससे कुछ ही समय में कचरे का ढेर लग जाता है। इसके बावजूद, एटीएम बूथ की देखरेख और नियमित सफाई की जिम्मेदारी अंततः बैंक प्रबंधन की ही बनती है।

See also  रायगढ़ में टीचर्स एसोसिएशन का ज्ञापन, पेंशन सुधार और शिक्षकों के स्वत्व भुगतान की प्रमुख मांगें उठीं

मठ पुरैना वार्ड का यह एटीएम बूथ आकार में काफी छोटा है। इसमें केवल एक एटीएम मशीन लगी हुई है और किसी कर्मचारी के बैठने या रुकने की कोई व्यवस्था नहीं है। स्थानीय लोगों के अनुसार यह गुमटीनुमा कमरा संभवतः किसी निजी मकान मालिक से किराए पर लिया गया है। बावजूद इसके, बैंक प्रबंधन को नजदीकी शाखा के किसी कर्मचारी को यह जिम्मेदारी देनी चाहिए कि वह दिन में कम से कम दो से तीन बार यहां आकर सफाई की व्यवस्था सुनिश्चित करे।

इस एटीएम बूथ पर किसी सुरक्षा गार्ड की भी तैनाती नजर नहीं आती। यदि सुरक्षा गार्ड नियुक्त भी किया जाए, तो उसके खड़े रहने या बैठने के लिए स्थान की व्यवस्था नहीं है, जो बैंक की योजना और निगरानी पर सवाल खड़े करता है।

उल्लेखनीय है कि शहर के विभिन्न मोहल्लों में आम जनता की सुविधा के लिए सड़कों के किनारे कई बैंकों द्वारा एटीएम बूथ स्थापित किए गए हैं। यह सुविधा अपने आप में सराहनीय है, लेकिन दुर्भाग्य से अधिकांश एटीएम बूथों में सुरक्षा और स्वच्छता के लिए कोई स्थायी व्यवस्था दिखाई नहीं देती। प्राइवेट मकानों में किराए पर ली गई छोटी-सी जगह में संचालित इन एटीएम बूथों की नियमित निगरानी और सफाई की अनदेखी से न केवल बैंक की छवि प्रभावित होती है, बल्कि आम जनता को भी असुविधा का सामना करना पड़ता है।

See also  भिलाई में तीन दिवसीय कबीर महायज्ञ में गूंजे संत कबीर के अमूल्य संदेश

अब आवश्यकता इस बात की है कि बैंक प्रबंधन इस ओर गंभीरता से ध्यान दे और एटीएम बूथों में स्वच्छता, सुरक्षा और निगरानी की ठोस व्यवस्था सुनिश्चित करे, ताकि उपभोक्ताओं को एक साफ और सुरक्षित बैंकिंग अनुभव मिल सके।

-स्वराज्य करुण, रायपुर