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रायपुर साहित्य उत्सव–2026 की तैयारियों का निरीक्षण, नवा रायपुर बनेगा साहित्य का केंद्र

रायपुर, 16 जनवरी 2026/ छत्तीसगढ़ की समृद्ध साहित्यिक और सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय स्तर पर सशक्त पहचान दिलाने के उद्देश्य से नवा रायपुर स्थित पुरखौती मुक्तांगन में 23 से 25 जनवरी 2026 तक आयोजित होने वाले रायपुर साहित्य उत्सव–2026 की तैयारियों का आज कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह और आयुक्त जनसंपर्क डॉ. रवि मित्तल ने निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान मुख्य मंच, साहित्यिक सत्र स्थलों, स्टॉल, पुस्तक मेला, फूड ज़ोन, पेयजल व्यवस्था, पार्किंग, सुरक्षा और दर्शक सुविधाओं सहित समस्त व्यवस्थाओं को समयबद्ध, सुव्यवस्थित और उच्च गुणवत्ता के साथ पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ साहित्य अकादमी के अध्यक्ष शशांक शर्मा, संस्कृति विभाग के संचालक विवेक आचार्य, जिला पंचायत रायपुर के मुख्य कार्यपालन अधिकारी कुमार बिश्वरंजन, नगर निगम आयुक्त विश्वदीप सहित आयोजन समिति के पदाधिकारी उपस्थित रहे।

‘आदि से अनादि तक’—भारतीय साहित्य की जीवंत परंपरा का उत्सव

रायपुर साहित्य उत्सव–2026 का केंद्रीय विचार ‘आदि से अनादि तक’ है, जो भारतीय साहित्य की निरंतर, जीवंत और विकसित होती परंपरा को रेखांकित करता है। कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने कहा कि यह उत्सव साहित्य, विचार और संस्कृति के संगम का प्रतीक है। उन्होंने आगंतुकों को सुरक्षित, सहज और यादगार अनुभव उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया।

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उन्होंने बताया कि इस आयोजन में बच्चों, युवाओं, शिक्षकों, लेखकों और आम पाठकों की व्यापक सहभागिता सुनिश्चित की जा रही है। नई पीढ़ी को साहित्य और विचार से जोड़ना इस उत्सव का प्रमुख उद्देश्य है।

नवा रायपुर बनेगा साहित्य, विचार और कला का केंद्र

तीन दिनों तक पुरखौती मुक्तांगन साहित्यिक संवाद, पुस्तक विमोचन, विचार-मंथन, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और कला प्रदर्शनियों का जीवंत केंद्र बनेगा। यह आयोजन छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय साहित्यिक मानचित्र पर सशक्त रूप से स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

देशभर के साहित्यकार होंगे शामिल

रायपुर साहित्य उत्सव–2026 में देश के विभिन्न हिस्सों से ख्यातिप्राप्त साहित्यकार, कवि, लेखक, पत्रकार, विचारक और युवा रचनाकार एक मंच पर संवाद करते नजर आएँगे। कार्यक्रम में साहित्यिक सत्रों के साथ खुले संवाद, समकालीन विषयों पर चर्चा और रचनात्मक प्रस्तुतियाँ आयोजित की जाएँगी।

युवाओं और बच्चों को मिलेगा विशेष मंच

उत्सव की प्रमुख विशेषताओं में नई पीढ़ी की सक्रिय भागीदारी शामिल है। रायपुर जिले के स्कूली बच्चों द्वारा स्वलिखित कविताओं, कहानियों और रचनाओं पर आधारित पुस्तकों का विमोचन किया जाएगा। बच्चों और युवाओं के लिए ओपन माइक जैसे मंच भी उपलब्ध कराए जाएँगे।
अब तक 4,000 से अधिक युवाओं ने पंजीकरण कराया है और यह प्रक्रिया लगातार जारी है।

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भव्य पुस्तक मेला और लेखक–पाठक संवाद

उत्सव के दौरान लगभग 40 स्टॉल्स के साथ भव्य पुस्तक मेले का आयोजन होगा, जिसमें देश के प्रतिष्ठित प्रकाशकों की पुस्तकें प्रदर्शित और विक्रय के लिए उपलब्ध रहेंगी। यह मंच लेखकों और पाठकों के बीच सीधे संवाद को बढ़ावा देगा।

‘चाणक्य’ नाटक और सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ आकर्षण का केंद्र

उत्सव में विशेष रूप से ‘चाणक्य’ नाटक का मंचन किया जाएगा, जो भारतीय बौद्धिक परंपरा और नाट्यकला का प्रभावशाली उदाहरण होगा। इसके साथ लोकनृत्य, लोकगीत और छत्तीसगढ़ी सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ दर्शकों को राज्य की लोकसंस्कृति से रूबरू कराएँगी।

कवि सम्मेलन और संवाद सत्र

विख्यात कवियों की उपस्थिति में कवि सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। साथ ही पत्रकारों, विचारकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं के साथ खुले संवाद सत्र होंगे, जिनमें समकालीन सामाजिक और सांस्कृतिक विषयों पर सार्थक विमर्श किया जाएगा।

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों और आयोजन समिति के सदस्यों ने आयोजन को प्रभावी, सुव्यवस्थित और यादगार बनाने के लिए अपने सुझाव साझा किए। रायपुर साहित्य उत्सव–2026 छत्तीसगढ़ की साहित्यिक चेतना, सांस्कृतिक आत्मा और विचार परंपरा को राष्ट्रीय संवाद से जोड़ने वाली एक सशक्त पहल के रूप में उभर रहा है।

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