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प्रयागराज कोर्ट ने अविमुक्तेश्वरानंद और शिष्य के खिलाफ FIR दर्ज करने का आदेश

प्रयागराज की एक विशेष POCSO (बच्चों के यौन अपराधों से संरक्षण) कोर्ट ने धार्मिक गुरु स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और उनके शिष्य स्वामी मुकुंदानंद गिरी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया है। यह आदेश यौन शोषण के गंभीर आरोपों के मामले में सुनाया गया है।

आरोप यह है कि अविमुक्तेश्वरानंद के आश्रम में नाबालिग बच्चों के साथ यौन शोषण किया गया। शिकायतकर्ता आशुतोष ब्रह्मचारी ने धारा 173(4) CrPC के तहत अदालत में आवेदन दिया था, जिसमें पुलिस द्वारा एफआईआर न दर्ज करने के बाद न्याय की गुहार लगाई गई थी। कोर्ट ने नाबालिगों के वीडियोग्राफी के साथ बयान दर्ज करने और पुलिस रिपोर्ट को भी संज्ञान में लेने के बाद मामले की जांच के आदेश के साथ मुकदमा दर्ज करने का निर्देश दिया।

अब एफआईआर झूंसी थाना क्षेत्र में दर्ज की जाएगी और पुलिस मामले की विस्तृत जांच करेगी। आरोपों के पक्ष में अदालत का फैसला धार्मिक और सामाजिक क्षेत्रों में व्यापक चर्चा का विषय बना हुआ है।

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स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने सार्वजनिक तौर पर इन आरोपों का खंडन किया है और कहा है कि उन पर लगाए गए आरोप गलत हैं और राजनीतिक या वैचारिक विरोध के कारण लगाए जा रहे हैं। हालांकि, कानूनी प्रक्रिया अब अपना रूप ले रही है।