छत्तीसगढ़ सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 1.72 लाख करोड़ रुपये का ‘संकल्प’ बजट पेश किया। वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने समावेशी विकास, अधोसंरचना, निवेश और रोजगार सृजन को प्राथमिकता देते हुए बस्तर–सरगुजा क्षेत्र, शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्योग और नगरीय विकास के लिए कई अहम घोषणाएं कीं। बजट में औद्योगिक पार्क, मेडिकल कॉलेज, सड़क और बिजली परियोजनाओं पर विशेष फोकस रखा गया है।
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने भारत विरोधी और पाकिस्तान समर्थक पोस्टर लगाने के आरोप में 6 बांग्लादेशी नागरिकों को तमिलनाडु के तिरुपुर से गिरफ्तार किया।
राजधानी के तिल्दा और खरोरा थाना क्षेत्रों में बुधवार रात दो अलग-अलग हत्याओं की घटनाओं ने शहर में दहशत फैलाकर कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। दोनों ही मामलों में चाकू का इस्तेमाल किया गया और हमलावर अभी फरार हैं। पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
जगतग्राम, उत्तराखंड में हुए राजा शीलवर्मन के अश्वमेध यज्ञ, उसकी वैदिक परंपरा, पुरातात्विक खोज और भारतीय सभ्यता पर उसके व्यापक प्रभाव की विस्तृत ऐतिहासिक कथा।
मयाली–बगीचा विकास परियोजना के भूमिपूजन के साथ जशपुर जिले में इको-टूरिज्म, धार्मिक पर्यटन और स्थानीय रोजगार को नई दिशा मिलने जा रही है।
छत्तीसगढ़ विशेषकर बस्तर में पाए जाने वाले छिंद वृक्ष का ऐतिहासिक, पारिस्थितिक और सांस्कृतिक महत्व। जैव विविधता संरक्षण से लेकर छिंद रस और गुड़ के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था सशक्त करने की पहल पर विस्तृत आलेख।
भारतीय संत परंपरा में कुछ ऐसे नाम हैं जिनकी उपस्थिति केवल इतिहास की पंक्तियों में सीमित नहीं रहती, बल्कि लोकमानस की धड़कनों में बस जाती है। संत दादू दयाल उन्हीं दिव्य व्यक्तित्वों में से एक हैं।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ ने उन्हें बताया था कि भारत-पाक संघर्ष परमाणु युद्ध में बदल सकता था और 3.5 करोड़ लोगों की जान जा सकती थी। ट्रंप ने कहा कि उनके हस्तक्षेप से यह टकराव टला, जबकि भारत ने किसी भी तीसरे पक्ष की मध्यस्थता से इनकार किया है।
डॉक्टर वृंदावनलाल वर्मा को आज जब हम उन्हें याद करते हैं तो यह अनुभव होता है कि वे कहीं गए नहीं हैं। वे अपने उपन्यासों के पन्नों में, बुंदेलखंड की धूल में और हर उस हृदय में जीवित हैं जो अपने अतीत पर गर्व करता है और भविष्य के लिए आशा रखता है। उनकी कलम की स्याही सूखी नहीं है, वह आज भी हमारी चेतना में बह रही है।
Moltbook AI क्या है, यह कैसे काम करता है और क्यों इसे इंसानों के लिए नहीं बल्कि AI एजेंट्स के लिए बनाया गया पहला सोशल मीडिया माना जा रहा है। तकनीकी विश्लेषण के साथ एक प्रवाहमय व्याख्या।
