मिडिल ईस्ट में फ्लाइट सेवाएं पटरी पर, भारत में घरेलू हवाई किराए की सीमा 23 मार्च से हटेगी
मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के कारण प्रभावित हुई हवाई सेवाएं अब धीरे-धीरे सामान्य हो रही हैं। कई प्रमुख एयरलाइंस ने अपनी नियमित उड़ान सेवाएं फिर से शुरू कर दी हैं, जिससे यात्रियों को राहत मिलने लगी है।
इसी बीच भारत सरकार ने एयरलाइंस को राहत देने के लिए एक बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने घरेलू उड़ानों पर लगाए गए अस्थायी किराया सीमा (फेयर कैप) को 23 मार्च से हटाने का निर्णय लिया है। यह कदम एयरलाइंस को युद्धजनित नुकसान और बढ़ती ईंधन लागत से उबारने के उद्देश्य से उठाया गया है।
दिसंबर में लागू हुई थी किराया सीमा
गौरतलब है कि दिसंबर में IndiGo की उड़ानों में भारी व्यवधान और टिकट कीमतों में अचानक बढ़ोतरी के बाद सरकार ने हस्तक्षेप करते हुए घरेलू उड़ानों के किराए पर सीमा तय की थी। अलग-अलग दूरी के हिसाब से किराया 7,500 रुपये से लेकर 18,000 रुपये तक निर्धारित किया गया था।
एयरलाइंस को हो रहा था आर्थिक नुकसान
एयरलाइंस कंपनियों ने सरकार से किराया सीमा हटाने की मांग की थी। रिपोर्ट्स के अनुसार, ईंधन कीमतों में उतार-चढ़ाव का सीधा असर एयरलाइंस के खर्च पर पड़ रहा है, जिससे उनके संचालन पर दबाव बढ़ा हुआ था।
22 मार्च को कई उड़ानें निर्धारित
22 मार्च को Air India और Air India Express कुल 50 निर्धारित और विशेष उड़ानों का संचालन कर रही हैं। इनमें जेद्दा और मस्कट के लिए नियमित सेवाएं भी शामिल हैं। इसके अलावा यूएई और सऊदी अरब के लिए कई अतिरिक्त उड़ानें भी संचालित की जा रही हैं।
वहीं IndiGo ने यात्रियों को सलाह दी है कि वे एयरपोर्ट जाने से पहले अपनी फ्लाइट की स्थिति अवश्य जांच लें, क्योंकि कुछ उड़ानों में देरी या बदलाव संभव है।
यात्रियों को मिलेगी राहत
विशेषज्ञों का मानना है कि हवाई किराए की सीमा हटने से एयरलाइंस को राहत मिलेगी और संचालन अधिक लचीला होगा। साथ ही, मिडिल ईस्ट में हालात सामान्य होने से अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में भी सुधार देखने को मिलेगा।

