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ममता बनर्जी से जुड़े मानहानि मामले में सुप्रीम कोर्ट का नोटिस, फिलहाल यथास्थिति बनाए रखने का निर्देश

सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के कथित मानहानि मामले से जुड़ी एक याचिका पर सुनवाई करते हुए नोटिस जारी किया है और मामले में फिलहाल यथास्थिति बनाए रखने का निर्देश दिया है। यह याचिका अधिवक्ता कौस्तव बागची द्वारा दायर की गई है, जिसमें उनके खिलाफ दर्ज मानहानि की शिकायत को रद्द करने की मांग की गई है।

मामला मई 2025 का है, जब कोलकाता उच्च न्यायालय में प्रैक्टिस कर रहे अधिवक्ता कौस्तव बागची ने अपने फेसबुक अकाउंट पर एक पुस्तक का अंश साझा किया था। यह पुस्तक दीपक कुमार घोष द्वारा लिखी गई बताई जाती है, जिसमें मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के निजी जीवन से जुड़ी कुछ कथित बातें दर्ज हैं।

बताया गया है कि बागची ने इस पुस्तक के कुछ पन्नों को सोशल मीडिया पर साझा किया था और विभिन्न टीवी चैनलों पर चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री के निजी जीवन से संबंधित टिप्पणियां भी की थीं। इसके बाद उनके खिलाफ मानहानि का मामला दर्ज किया गया।

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यह मामला तब सुप्रीम कोर्ट पहुंचा जब कोलकाता उच्च न्यायालय ने 31 अक्टूबर 2025 को बागची की याचिका खारिज कर दी थी। उच्च न्यायालय में उन्होंने निचली अदालत के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें भारतीय न्याय संहिता 2023 के तहत मानहानि के अपराध का संज्ञान लेते हुए समन जारी किया गया था।

सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान बागची की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता सिद्धार्थ दवे ने दलील दी कि संबंधित पुस्तक का नाम याचिका में स्पष्ट रूप से नहीं लिया गया है और वह अभी भी बाजार में उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि याचिकाकर्ता ने केवल उसी पुस्तक के एक हिस्से को सोशल मीडिया पर साझा किया था।

दलील में यह भी कहा गया कि यदि किसी सार्वजनिक पदाधिकारी के खिलाफ मानहानि का आरोप लगाया जाता है, तो उस पर संज्ञान तभी लिया जा सकता है जब कथित टिप्पणी उसके सार्वजनिक कर्तव्यों से संबंधित हो।

हालांकि इससे पहले सिटी सेशंस कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद मामले का संज्ञान लिया था और समन जारी करने का आदेश दिया था। कोलकाता उच्च न्यायालय ने भी इस आदेश को सही ठहराते हुए कहा था कि जिस अंश का उल्लेख किया गया है, वह शपथ ग्रहण समारोह से जुड़ा है और इसे सार्वजनिक पद से संबंधित माना जा सकता है।

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अब सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में नोटिस जारी कर दिया है और अगली सुनवाई तक स्थिति यथावत बनाए रखने का निर्देश दिया है।