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धान खरीदी के लिए टोकन प्रणाली लागू, 31 जनवरी तक चलेगी खरीदी प्रक्रिया

खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के लिए राज्य में धान उपार्जन प्रक्रिया को सुचारू और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से सरकार ने धान खरीदी की अवधि 15 नवंबर 2025 से 31 जनवरी 2026 तक तय की है। करीब 50 कार्य दिवसों में खरीदी पूरी करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए इस वर्ष भी पूर्व की तरह टोकन प्रणाली से धान खरीदी की जा रही है।

मोबाइल ऐप से भी मिल रहा टोकन
राज्य सरकार के निर्देशानुसार किसानों को उनकी भूमि धारिता के अनुसार टोकन दिए जा रहे हैं।

  • 2 एकड़ तक के किसानों को 1 टोकन

  • 2 से 10 एकड़ तक के लिए अधिकतम 2 टोकन

  • 10 एकड़ से अधिक वाले किसानों को अधिकतम 3 टोकन

किसान संबंधित उपार्जन केंद्र से टोकन प्राप्त कर सकते हैं या फिर ‘टोकन तुहर हाथ’ मोबाइल ऐप के माध्यम से स्वयं टोकन डाउनलोड कर सकते हैं। यह ऐप गूगल प्ले स्टोर पर उपलब्ध है।

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शिकायतों के लिए टोल-फ्री नंबर और कंट्रोल सेंटर
धान खरीदी से जुड़े सुझाव या शिकायतें किसान 1800-233-3663 टोल-फ्री नंबर पर दर्ज करा सकते हैं। इसके अतिरिक्त सभी जिलों में अपर कलेक्टर की अध्यक्षता में इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर और कॉल सेंटर गठित किए गए हैं। ये केंद्र धान की रीसाइक्लिंग पर रोक, बिचौलियों की गतिविधियों पर निगरानी और धान के परिवहन-उठाव की लगातार मॉनिटरिंग कर रहे हैं।

प्रशासन की अपील
जिला प्रशासन ने किसानों से अनुरोध किया है कि उपार्जन केंद्रों में धान लाते समय अनाज पूरी तरह सुखाया हुआ हो और उसकी नमी 17% से अधिक न हो। धान स्वच्छ एवं अशुद्धियों से मुक्त होना चाहिए। साथ ही टोकन, ऋण पुस्तिका और आधार कार्ड अवश्य साथ रखें। प्रशासन ने किसानों से समय पर धान विक्रय करने और निर्धारित दिशानिर्देशों का पालन करने की अपील की है, ताकि खरीदी प्रक्रिया बिना किसी व्यवधान के पूरी हो सके।