छत्तीसगढ़ के तीन जिलों में न्यायालयों को बम से उड़ाने की धमकी, पुलिस अलर्ट मोड पर
छत्तीसगढ़ में बुधवार को न्यायिक परिसरों को निशाना बनाने की धमकियों से हड़कंप मच गया। बस्तर, राजनांदगांव और सरगुजा जिला न्यायालयों को बम से उड़ाने की धमकी भरे ई-मेल प्राप्त हुए, जिसके बाद तीनों जिलों में सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर आ गईं।
बस्तर न्यायालय में सबसे पहले मिला धमकी भरा ई-मेल
बुधवार सुबह बस्तर जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी वाला एक ई-मेल मिलने के बाद अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक स्वयं न्यायालय परिसर पहुंचे। सुरक्षा कारणों से कोर्ट को तत्काल खाली कराया गया और डॉग स्क्वायड व बम निरोधक दस्ते की मदद से सघन तलाशी अभियान चलाया गया।
यह ई-मेल एक अज्ञात आईडी से भेजा गया था, जिसकी तकनीकी जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस इस घटना को गंभीरता से लेते हुए यह आशंका जता रही है कि यह राजनांदगांव में पहले हुई इसी तरह की घटना से जुड़ी हो सकती है।
राजनांदगांव में दोबारा मिली धमकी
राजनांदगांव जिला न्यायालय को भी एक बार फिर बम रखे होने की सूचना अज्ञात ई-मेल के जरिए मिली। उल्लेखनीय है कि इससे पहले भी इसी न्यायालय को धमकी मिल चुकी है, जिसकी जांच अभी जारी थी कि दोबारा ऐसा ई-मेल सामने आया।
एडिशनल एसपी कीर्तन राठौर ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस और बम निरोधक दस्ते को मौके पर भेजा गया। न्यायालय के सभी कक्षों की गहन तलाशी ली गई और मौजूद लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। फिलहाल किसी भी प्रकार का विस्फोटक या संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई है। मामले में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है।
सरगुजा जिला न्यायालय भी निशाने पर
सरगुजा जिला एवं सत्र न्यायालय को भी बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल जिला न्यायाधीश की आधिकारिक ई-मेल आईडी पर प्राप्त हुआ। सूचना मिलते ही सरगुजा एसपी, एएसपी और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे।
बम स्क्वायड और डॉग स्क्वायड की टीमों ने पूरे न्यायालय परिसर की बारीकी से तलाशी ली। इस दौरान प्रवेश करने वाले सभी लोगों की मेटल डिटेक्टर से जांच की गई और वाहनों की भी सघन तलाशी ली गई।
तकनीकी जांच में जुटी साइबर टीम
सरगुजा एसएसपी राजेश अग्रवाल ने बताया कि धमकी भरा ई-मेल आउटलुक प्लेटफॉर्म से भेजा गया है। साइबर सेल इसकी तकनीकी जांच कर रही है ताकि ई-मेल के स्रोत और इसके पीछे की मंशा का पता लगाया जा सके। अभी तक जांच में कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली है, लेकिन एहतियात के तौर पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।
पूरे प्रदेश में न्यायालयों की सुरक्षा बढ़ाई गई
लगातार मिल रही धमकियों के बाद राज्य पुलिस ने न्यायालय परिसरों की सुरक्षा को और सख्त करने के निर्देश दिए हैं। चप्पे-चप्पे पर निगरानी बढ़ा दी गई है और किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तत्काल कार्रवाई के आदेश दिए गए हैं।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इन धमकियों के पीछे जो भी व्यक्ति या गिरोह है, उसकी पहचान कर जल्द ही कड़ी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का प्रयास है कि ऐसी घटनाओं से आम जनता और न्यायिक कार्यों पर कोई असर न पड़े और कोर्ट का कामकाज सामान्य रूप से चलता रहे।

