कौन सा है पहला छत्तीसगढ़ी उपन्यास, जिसका है यह शताब्दी वर्ष
छत्तीसगढ़ी के प्रथम उपन्यास ‘हीरू के कहिनी’ के शताब्दी वर्ष पर आधारित यह लेख इसके इतिहास, कथानक और साहित्यिक महत्व को विस्तार से प्रस्तुत करता है।
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Read Moreजी. आर. राना के काव्य-संग्रह ‘सूरज कहाँ छिपा है’ पर आधारित यह विस्तृत आलेख प्रकृति, समाज, गाँव-शहर और मानवीय संवेदनाओं की गहन व्याख्या प्रस्तुत करता है।
Read Moreभारत की आत्मा के कवि रामधारी सिंह दिनकर के जीवन, कृतित्व और उनकी ओजपूर्ण कविताओं के माध्यम से राष्ट्रवाद, सामाजिक न्याय और मानवीय संवेदनाओं का गहन विश्लेषण।
Read Moreपुस्तकों का महत्व, विश्व पुस्तक दिवस का उद्देश्य, ज्ञान के प्रसार में साहित्य की भूमिका तथा व्यक्तित्व निर्माण में पुस्तकों के योगदान पर आधारित विस्तृत आलेख।
Read Moreछत्तीसगढ़ी और हिंदी साहित्य के प्रतिष्ठित रचनाकार डॉ. देवधर महंत 23 अप्रैल को 70वां जन्मदिवस मना रहे हैं। ‘अरपा नदिया’ सहित अनेक कालजयी कृतियों से उन्होंने साहित्य को समृद्ध किया।
Read Moreडॉ. अखिलेश शर्मा के प्रथम काव्य संग्रह ‘शब्द शाश्वत हैं’ की विस्तृत समीक्षा, जिसमें शब्दों की शक्ति, सामाजिक संवेदना, युद्ध की पीड़ा और मानवीय मूल्यों का गहन साहित्यिक विश्लेषण प्रस्तुत है।
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