उसका सफ़र
सांझ हो रही थी, कोई साढे पांच बज रहे थे। पश्चिम दिशा में घनघोर काले बादल छाने के कारण पानी
Read Moreसामने पहाड़ी पर एक टक निगहबानी करती हुई मेरी एक जोड़ी आंखे जमी हुई बर्फ़ को देख रही थी। दूर
Read Moreशब-ए-रोज यह वाकया घटता है मेरे साथ, तेरे घर के सामने लगे नियोन ब्लब की नीली रोशनी दूर से ही
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