कलम में ही वह शक्ति है, जो समाज को बदल सकती है : हिंदी पत्रकारिता दिवस
हिंदी पत्रकारिता का इतिहास न केवल एक भाषा के माध्यम का विकास है, बल्कि यह भारत की सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक चेतना का दर्पण भी है।
Read Moreहिंदी पत्रकारिता का इतिहास न केवल एक भाषा के माध्यम का विकास है, बल्कि यह भारत की सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक चेतना का दर्पण भी है।
Read Moreराष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक मोहन भागवत ने काशी (वाराणसी) में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम के दौरान हिंदू समाज में समानता और एकता की जरूरत पर बल दिया। आईआईटी बीएचयू के जिमखाना मैदान में आयोजित इस कार्यक्रम में उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि “सभी हिंदुओं के लिए मंदिर, पानी और श्मशान समान होने चाहिए।”
Read More26/11 मुम्बई आतंकी हमले का “मास्टरमाइंड” तहव्वुर राणा भारत आ गया है। उससे पूछताछ चल रही है। इस आतंकी हमले से संबंधित अनेक प्रश्न अब तक अनुत्तरित हैं। इनमें एक भारत में आतंकवादियों की जड़ों का है और दूसरा आतंकी हमलों को “भगवा” रंग लपेटकर प्रचारित करने के “मास्टरमाइंड” का है। आशा की जा रही है कि पूछताछ में सभी रहस्य सामने आ सकेंगे।
Read Moreकोरोना काल में इस पद्धति की ‘आर्सेनिकम एलबम 30’ नामक दवा समेत कुछ अन्य औषधियाँ रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में अत्यंत उपयोगी साबित हुई थीं। उस समय भारत सरकार के आयुष विभाग ने भी इनके उपयोग के लिए परामर्श जारी किया था।
Read Moreदेश की दिशा तय करने का दंभ भरने वाले राजनेताओं द्वारा समूचे राष्ट्र के विभिन्न सदनों में प्रयोग होने वाली भाषा के स्तर से देश का हर नागरिक परिचित है।
Read Moreबांग्लादेश में तो हाल ही के समय में सत्ता पलट के पश्चात हिंदुओं सहित वहां के अल्पसंख्यक समुदायों पर कातिलाना हमले किए गए हैं। केवल बांग्लादेश ही क्यों बल्कि विश्व के किसी भी अन्य देश में हिंदुओं के साथ इस प्रकार की घटनाओं का कड़ा विरोध होना चाहिए।
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