गहे भरत पुनि प्रभु पद पंकज : राम–भरत मिलन
उत्तरकांड में वर्णित श्रीराम और भरत का मिलन भारतीय संस्कृति में भाईचारे, त्याग और कर्तव्यनिष्ठा का अद्भुत उदाहरण है। यह प्रसंग समाज को आज भी प्रेम, धैर्य और क्षमा का संदेश देता है।
Read Moreउत्तरकांड में वर्णित श्रीराम और भरत का मिलन भारतीय संस्कृति में भाईचारे, त्याग और कर्तव्यनिष्ठा का अद्भुत उदाहरण है। यह प्रसंग समाज को आज भी प्रेम, धैर्य और क्षमा का संदेश देता है।
Read Moreश्री दुर्गासप्तशती केवल देवी–स्तोत्र नहीं, बल्कि स्त्री–सशक्तिकरण, स्त्री–आर्मी, शिक्षा, विज्ञान और समाज–शासन का सनातन घोषणापत्र है, जो स्त्री को विश्व–नियामक शक्ति के रूप में प्रतिष्ठित करता है।
Read Moreनवरात्र साधना केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि चेतना को प्रकृति की अनंत ऊर्जा से जोड़ने, शरीर-मन को सशक्त बनाने और आयुर्वेदिक औषधियों के माध्यम से आरोग्य प्राप्त करने का वैज्ञानिक व आध्यात्मिक मार्ग है।
Read Moreशारदीय नवरात्रि का गहन महत्व, नौ देवियों की उपासना, अनुष्ठान, शक्ति साधना की परंपराओं पर विस्तृत आलेख।
Read Moreनवरात्र की पौराणिक कथा, महिषासुर वध, शक्ति के नौ रूप, वैज्ञानिक दृष्टि और आयुर्वेदिक महत्व का समग्र वर्णन।
Read Moreछत्तीसगढ़ में पितृ पक्ष, जिसे स्थानीय भाषा में पितर पाख कहा जाता है, पूर्वजों को समर्पित 15 दिनों का पर्व है। इसमें श्राद्ध, तर्पण, पिंडदान और वनवासी परंपराओं जैसे सामुदायिक भोज और साल के पत्तों पर भोग लगाने की विशिष्ट परंपराएँ शामिल हैं।
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