Author: News Editor

futuredधर्म-अध्यात्म

ब्रजभूमि का अनूठा पर्व : फूलेरा दूज

फूलरिया दूज  या फ़ूलेरा दूज भारतीय संस्कृति और हिंदू परंपराओं में विशेष स्थान रखने वाला एक अद्भुत त्योहार है, जिसे मुख्य रूप से ब्रज क्षेत्र में मनाया जाता है। यह पर्व फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को आता है और इसे श्रीकृष्ण और राधा रानी के प्रेम व होली महोत्सव से जोड़ा जाता है।

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futuredहमारे नायक

चार्ल्स टेगार्ट पर हमले की योजना और गोपीनाथ साहा का बलिदान

पराधीनता के दिनों में कुछ अंग्रेज अधिकारी ऐसे थे जो अपने क्रूरतम मानसिकता के चलते भारतीय स्वाधीनता सेनानियों से अमानवीयता की सीमा भी पार जाते थे। बंगाल में पदस्थ ऐसा ही अधिकारी चार्ल्स ट्रेगार्ट था। जिसे मौत के घाट उतारने का निर्णय सुप्रसिद्ध क्राँतिकारी गोपीनाथ साहा ने लिया। समय पर हमला बोला वह बच गया लेकिन एक अन्य नागरिक मारा गया जिस आरोप में साहा को फाँसी दी गई ।

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futuredपुस्तक समीक्षासाहित्य

अतीत से वर्तमान तक एक शहर की निरंतर जारी यात्रा

लेखक आशीष सिंह ने ‘रायपुर ‘ शीर्षक से प्रकाशित 194 पेज की किताब में रायपुर शहर के इतिहास को अपनी धारा प्रवाह लेखन शैली में बहुत रोचक ढंग से प्रस्तुत किया है। उन्होंने इस शहर के वर्ष 1867-68 के नक्शे और यहाँ के वरिष्ठ गीतकार रामेश्वर शर्मा  की कविता ‘रायपुर महिमा ‘ से की है।

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futuredलोक-संस्कृति

अलवार संतों की भक्ति में श्रीराम

ईस्वी सदी के आरम्भ में रचित सिलपट्टीकरम, जो तमिल साहित्य की पांच श्रेष्ठ कृतियों में से है, उसमे भी रामायण के अनेक सन्दर्भ मिलते हैं. लेखक ने इसमें राम को विष्णु से पहचान करते हुए लिखा है कि – भगवन विष्णु के पुण्य-चरण जिनसे उन्होंने त्रिविक्रम के रूप में ब्रह्माण्ड को नापा था, वे आज वन में लक्ष्मण के साथ चलते हुए रक्त-रंजित हो गए हैं.

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