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मेघालय हनीमून मर्डर केस: पति की हत्या के आरोप में सोनम रघुवंशी और उसके साथी पुलिस हिरासत में, जांच में नए खुलासे

मेघालय में हनीमून के दौरान हुए राजा रघुवंशी की हत्या मामले में उनकी पत्नी सोनम रघुवंशी और उसके प्रेमी राज कुशवाहा समेत पांच लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। जांच में खुलासा हुआ है कि पति की हत्या एक सुनियोजित साजिश के तहत की गई थी, जिसमें सुपारी किलर भी शामिल थे। पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ कर वारदात का पूरा घटनाक्रम समझने की कोशिश कर रही है।

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futuredताजा खबरेंविश्व वार्ता

2026 चुनाव के बाद किसी भूमिका से इंकार, शेख हसीना के प्रत्यर्पण पर बोले प्रोफेसर मुहम्मद यूनूस

बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के प्रमुख प्रोफेसर मुहम्मद यूनूस ने 2026 के बाद किसी भी राजनीतिक भूमिका से साफ इंकार कर दिया है। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य केवल देश में शांतिपूर्ण और निष्पक्ष चुनाव कराना है। साथ ही उन्होंने पूर्व पीएम शेख हसीना के प्रत्यर्पण की कानूनी प्रक्रिया की जानकारी भी साझा की।

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छत्तीसगढ़ में पर्यटन विकास की असीम संभावनाएं, माओवाद है सबसे बड़ी चुनौती : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़ के बस्तर और सरगुजा क्षेत्रों में पर्यटन की अपार संभावनाओं को रेखांकित करते हुए माओवाद को सबसे बड़ी बाधा बताया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पर्यटन को उद्योग का दर्जा देने की दिशा में काम कर रही है और माओवादी गतिविधियों के स्थायी समाधान के लिए केंद्र के सहयोग से ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।

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शेष कथा: महाभारत के पात्रों के मनोविज्ञान और दर्शन का गहन विश्लेषण

‘शेष कथा’ कवयित्री जया गुप्ता द्वारा रचित एक प्रबंध काव्य है, जो महाभारत के पात्रों के भीतर चल रहे गहन अंतर्द्वंद्वों और दर्शन को नए दृष्टिकोण से प्रस्तुत करता है। युधिष्ठिर, भीष्म और द्रौपदी जैसे पात्रों को उन्होंने जिस संवेदनशीलता और प्रमाणिकता से उकेरा है, वह इस रचना को एक अलग ही ऊँचाई पर ले जाता है। दर्शन और मनोविज्ञान के स्तर पर यह कृति समकालीन साहित्य में एक उल्लेखनीय योगदान है।

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futuredसमाज

जातीय जनगणना: ब्रिटिश नीति की छाया और भारतीय समाज का विखंडन

भारत में जातीय जनगणना का इतिहास एक औपनिवेशिक विरासत है, जिसकी जड़ें 1871 में ब्रिटिश शासन द्वारा कराई गई पहली जातिगत जनगणना में हैं। यह न केवल सामाजिक विभाजन का औजार बना, बल्कि भारतीय समाज की गतिशीलता और समरसता को भी बाधित किया। आज जरूरत इस बात की है कि जातीय पहचान को विभाजन के बजाय सामाजिक सशक्तिकरण का माध्यम बनाया जाए — ताकि इतिहास की गलतियों से सीख लेकर एक समतामूलक भविष्य की ओर बढ़ा जा सके।

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बिलासपुर में धूमधाम से मना कबीर प्राकट्योत्सव, विधायक धरमलाल कौशिक ने की किचन शेड निर्माण की घोषणा

बिलासपुर के झोपडापारा स्थित कबीर गुरुद्वारा में कबीर प्राकट्योत्सव समारोह श्रद्धा और भव्यता के साथ आयोजित हुआ। मुख्य अतिथि धरमलाल कौशिक ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कबीर के प्रति प्रतिबद्धता की चर्चा करते हुए किचन शेड निर्माण हेतु राशि देने की घोषणा की। कार्यक्रम में चौंका आरती, विशाल रैली, और भजन प्रस्तुतियों के साथ लगभग दो हजार श्रद्धालुओं ने प्रसादी ग्रहण की।

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