Author: News Editor

futuredलोक-संस्कृति

जब कोई गाँव या शहर बन जाता है रंगमंच!

ओड़िशा की प्रसिद्ध लोकनाट्य परंपरा ‘धनुजात्रा’ में पूरा गाँव या शहर रंगमंच बन जाता है। कृष्ण-कथा पर आधारित इस अनूठे महानाटक में कंस की प्रजा-वत्सल छवि, लोक-संस्कृति, जनभागीदारी और भारतीय रंगमंच की अद्भुत परंपरा का विस्तृत परिचय।

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futuredविविध

नक्सल समर्थकों से लेकर विवादित चेहरों तक: ये है ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ की दिशा !

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेतृत्व, प्रवक्ताओं, समर्थकों और वैचारिक पृष्ठभूमि पर उठते सवालों का विश्लेषण। क्या यह युवाओं का वास्तविक आंदोलन है या वामपंथी एवं विवादित विचारधाराओं को नया राजनीतिक मंच देने का प्रयास?

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futuredइतिहास

हे राज्य व्हावे ही श्रींची इच्छा : शिवाजी का राज्याभिषेक

6 जून 1674 को रायगढ़ में छत्रपति शिवाजी महाराज का राज्याभिषेक केवल एक राजा का राजतिलक नहीं था, बल्कि हिन्दू राजनीतिक पुनर्जागरण, स्वाभिमान और हिन्दवी स्वराज्य की ऐतिहासिक घोषणा थी। जानिए इस स्वर्णिम घटना के सांस्कृतिक, राजनीतिक और मनोवैज्ञानिक प्रभाव।

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futuredछत्तीसगढ

ग्राम तुरमा में श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई गई लोकमाता राजमाता अहिल्याबाई होल्कर जयंती

ग्राम तुरमा, भाटापारा में लोकमाता राजमाता अहिल्याबाई होल्कर की जयंती श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई गई। कार्यक्रम में शिवरतन शर्मा सहित अनेक गणमान्य अतिथियों ने उनके आदर्शों और समाज सेवा के योगदान को याद किया।

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futuredसमाज

बदलता भारत और टूटती सामाजिक मर्यादाएं

क्या भारत में सामाजिक मर्यादाएं और पारिवारिक संस्कार कमजोर हो रहे हैं? जानिए डिजिटल संस्कृति, सोशल मीडिया, उपभोक्तावाद और बदलते पारिवारिक मूल्यों का भारतीय समाज पर पड़ने वाला प्रभाव।

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futuredसमाज

सभ्यता की दौड़ में खोती मानवीय संवेदनाएँ

यह आलेख पाश्चात्य भोगवादी संस्कृति, उपभोक्तावाद, पारिवारिक विघटन और सामाजिक चुनौतियों का विश्लेषण करते हुए भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों एवं सुसंस्कारों की आवश्यकता पर प्रकाश डालता है।

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