Author: News Editor

futuredपॉजिटिव स्टोरी

भारतीय चिंतन परंपरा के सजग साधक एच वी शेषाद्रि

एच. वी. शेषाद्रि भारतीय चिंतन परंपरा के ऐसे सजग साधक थे जिन्होंने संगठन, साहित्य और राष्ट्रसेवा के माध्यम से सांस्कृतिक राष्ट्रवाद और सामाजिक समरसता का संदेश दिया। जानिए उनके जीवन, विचार और वैचारिक योगदान की प्रेरक गाथा।

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futuredइतिहास

इतिहास को स्वर देता डॉ. संजय शर्मा का एक अद्भुत प्रयास : मल्हार के विष्णु

रायपुर के प्रतिष्ठित न्यूरोफिजिशियन डॉ. संजय शर्मा द्वारा निर्मित शोधपरक वीडियो ने मल्हार की प्राचीन विष्णु प्रतिमा और दक्षिण कौशल की ऐतिहासिक विरासत को नई दृष्टि से सामने लाया है। यह प्रयास छत्तीसगढ़ की उपेक्षित पुरातात्विक धरोहरों को राष्ट्रीय पहचान दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।

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futuredहमारे नायक

हो. वे. शेषाद्रि जी : जीवन, मूल्य और संघ की दायित्व–परंपरा

हो. वे. शेषाद्रि जी के जीवन, संघ के दायित्व-प्रधान संगठन दर्शन, विनम्र नेतृत्व, राष्ट्रचिंतन और उनके वैचारिक योगदान पर आधारित यह प्रेरक आलेख संघ परंपरा की मूल भावना को उजागर करता है।

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futuredधर्म-अध्यात्म

विश्वशांति में भारत की भूमिका-२

डॉ. नितिन सहारिया के इस विचारोत्तेजक आलेख में भारत की आध्यात्मिक, नैतिक और वैश्विक नेतृत्वकारी भूमिका का विश्लेषण किया गया है, जिसमें नोस्ट्राडेमस की भविष्यवाणियों, भारतीय चिंतन परंपरा और विश्वशांति की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई है।

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futuredधर्म-अध्यात्म

भारत की आत्मा है गंगा

गंगा केवल एक नदी नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक चेतना, लोक आस्था और सभ्यता की जीवनधारा है। जानिए गंगा के धार्मिक, ऐतिहासिक, वैज्ञानिक और सामाजिक महत्व पर आधारित भावनात्मक एवं तथ्यपूर्ण आलेख।

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futuredसाहित्य

मैं नीर भरी दुख की बदली

महादेवी वर्मा की अमर कविता ‘मैं नीर भरी दुख की बदली’ करुणा, विरह, आध्यात्मिक चेतना और मानवीय संवेदना का अद्वितीय स्वर है। जानिए इस काव्य रचना के दार्शनिक, साहित्यिक और भावनात्मक पक्षों का विस्तृत विश्लेषण।

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