जमीनी साहित्यकार थे बाबा नागार्जुन : आज उनकी जयंती
बाबा नागार्जुन की जयंती पर उनके जीवन, साहित्य-साधना, जनपक्षधर लेखन, प्रसिद्ध कविताओं, उपन्यासों तथा साहित्य अकादमी सम्मान सहित उनके बहुआयामी व्यक्तित्व पर आधारित विशेष आलेख।
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Read Moreसरकारी और सार्वजनिक कार्यक्रमों में बढ़ती बुके संस्कृति के आर्थिक एवं पर्यावरणीय दुष्प्रभावों का विश्लेषण तथा भारतीय स्वागत परंपराओं जैसे पौधा, पुस्तक, श्रीफल और अंगवस्त्र को पुनर्जीवित करने की आवश्यकता पर केंद्रित संपादकीय।
Read Moreसंत कबीर की लोकभाषा, निर्गुण भक्ति, सामाजिक चेतना, जाति-विरोध, पाखंड-भंजन, लोकमंगल और कालजयी दोहों का विस्तृत एवं विश्लेषणात्मक अध्ययन।
Read Moreसरगुजा का रामगढ़ प्रागैतिहासिक मानव बसाहट, प्राचीन नाट्यशाला, कालिदास की मेघदूत परंपरा, मौर्यकालीन अभिलेख और रामायण संस्कृति का अद्वितीय संगम है। धरोहर संरक्षण, शोध और पर्यटन विकास के माध्यम से इसे यूनेस्को विश्व धरोहर सूची में शामिल कराने की संभावनाओं पर विशेष आलेख।
Read Moreविश्व प्रकृति संरक्षण दिवस के अवसर पर भारत की जैव विविधता, पर्यावरणीय चुनौतियों, वन संरक्षण आंदोलनों, जल संकट, प्रदूषण और सतत विकास की आवश्यकता पर आधारित एक विस्तृत विश्लेषणात्मक आलेख।
Read Moreछत्रपति शिवाजी महाराज के हिंदवी स्वराज्य की कृषि नीति, भूमि मापन, कर व्यवस्था, किसानों को ब्याजमुक्त ऋण, अन्न भंडारण और बाजार प्रबंधन पर आधारित ऐतिहासिक विश्लेषण, जो आज की कृषि व्यवस्था के लिए भी प्रेरणादायी है।
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