Author: News Editor

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समाज के हर वर्ग तक पहुंचेगा संगठन का संदेश : संघ का शताब्दी संकल्प

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने अपने शताब्दी वर्ष को सामाजिक एकता और संगठन विस्तार के रूप में मनाने का संकल्प लिया है। छत्तीसगढ़ में 2000 स्थानों पर पथ संचलन, घर-घर संपर्क, युवा महोत्सव, जन गोष्ठी और हिंदू सम्मेलनों के माध्यम से हर वर्ग तक संघ का संदेश पहुंचाया जाएगा।

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futuredलोक-संस्कृति

सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक एकता का प्रतीक छठ पूजा

छठ पूजा भारतीय संस्कृति का एक अनमोल रत्न है, जो सूर्य देव की उपासना के माध्यम से सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक एकता का प्रतीक बनता है। प्रकृति पूजा, नारी सशक्तीकरण और पर्यावरण संरक्षण के आयामों से परिपूर्ण यह पर्व हमें सिखाता है कि सादगी में ही सच्ची समृद्धि छिपी है।

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futuredछत्तीसगढ

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय बोले – शिक्षा जीवन का आधार, संगठित समाज से ही राष्ट्र मजबूत बनता है

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने रायपुर में आयोजित छत्तीसगढ़ प्रदेश मानिकपुरी पनिका समाज के शपथ ग्रहण समारोह में कहा कि शिक्षा जीवन का आधार है और संगठित समाज से ही राष्ट्र मजबूत बनता है। उन्होंने राज्य में शिक्षा विस्तार और सामाजिक एकता के प्रयासों की जानकारी दी।

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futuredछत्तीसगढ

छत्तीसगढ़ में माओवाद की समाप्ति वास्तविकता की ओर, 21 नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

छत्तीसगढ़ में माओवाद की समाप्ति अब साकार रूप ले रही है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बताया कि कांकेर जिले में 21 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है। “आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति 2025” और “नियद नेल्ला नार योजना” ने बस्तर में शांति और विकास की नई दिशा दी है।

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futuredछत्तीसगढ

‘मन की बात’ में छत्तीसगढ़ का उल्लेख प्रदेश के लिए गौरव: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

‘मन की बात’ में अंबिकापुर के ‘गार्बेज कैफे’ और माओवाद उन्मूलन के प्रयासों का उल्लेख छत्तीसगढ़ के लिए गर्व का विषय है — मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि यह प्रदेश के नवाचारों और सकारात्मक बदलावों की राष्ट्रीय पहचान है।

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राष्ट्र, संस्कृति और समन्वय के अमर प्रहरी गणेश शंकर विद्यार्थी

गणेश शंकर विद्यार्थी भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के निर्भीक पत्रकार, क्रांतिकारियों के सहयोगी और साम्प्रदायिक सद्भाव के प्रतीक थे। उन्होंने प्रताप पत्र के माध्यम से राष्ट्र चेतना जगाई और समन्वय के संदेश के साथ बलिदान दिया।

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