नेशनल रोवर–रेंजर जंबूरी: युवा संसद से उभरी लोकतांत्रिक चेतना, तीसरे दिन दिखा अनुशासन और उत्साह
रायपुर, 11 जनवरी 2026/ बालोद जिले के ग्राम दुधली में आयोजित नेशनल रोवर–रेंजर जंबूरी पूरे उत्साह, अनुशासन और जीवंत सहभागिता के साथ आगे बढ़ रही है। जंबूरी के तीसरे दिन परिसर लोकतांत्रिक चेतना का सशक्त केंद्र बन गया, जब रोवर–रेंजरों और उपस्थित नागरिकों को लोकसभा की वास्तविक कार्यवाही का प्रत्यक्ष और व्यावहारिक अनुभव कराया गया।
यूथ पार्लियामेंट के मंच पर रोवर–रेंजरों ने सांसदों की भूमिका निभाई, वहीं विधानसभा अध्यक्ष ने संसद अध्यक्ष की भूमिका का निर्वहन किया। युवाओं ने जिस आत्मविश्वास, विषयगत समझ और मर्यादित संवाद शैली का परिचय दिया, वह दर्शनीय रहा। यह मंच भावी जनप्रतिनिधियों को तैयार करने की दिशा में एक प्रभावी और प्रेरक प्रयास के रूप में सामने आया।
अनुशासन और आत्मविश्वास की मिसाल बने रोवर–रेंजर
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने आयोजित युवा संसद की सराहना करते हुए कहा कि रोवर–रेंजरों ने जिस अनुशासन और आत्मविश्वास के साथ अपनी भूमिका निभाई है, उससे देश के उज्ज्वल भविष्य की झलक मिलती है। आज के युवा ही कल के समाज के प्रतिनिधि हैं और हमारी विरासत को आगे ले जाने की जिम्मेदारी इन्हीं के कंधों पर है। ऐसे आयोजनों से युवाओं में लोकतांत्रिक मूल्यों, संसदीय परंपराओं और जिम्मेदार नागरिकता की मजबूत नींव पड़ती है।
इस अवसर पर स्कूली शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने भी युवाओं को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि रोवर–रेंजर देश का भविष्य हैं।
कार्यक्रम में के.के. खंडेलवाल, इंद्रजीत सिंह खालसा, राकेश यादव, कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा, पुलिस अधीक्षक योगेश कुमार पटेल सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारी, रोवर–रेंजर, स्काउट–गाइड्स और बड़ी संख्या में आम नागरिक उपस्थित रहे।
सीख, सेवा और साहस से भरा रहा जंबूरी का तीसरा दिन
जंबूरी का तीसरा दिन प्रतिभागियों के लिए विविध और प्रेरक गतिविधियों से परिपूर्ण रहा। जागरण, शारीरिक जांच और फ्लैग सेरेमनी के माध्यम से अनुशासन और एकता का संदेश दिया गया। डॉग शो में प्रशिक्षित कुत्तों के आकर्षक प्रदर्शन के साथ मार्च-पास्ट प्रतियोगिता आयोजित की गई। स्वच्छ भारत अभियान से जुड़ी गतिविधियों में युवाओं ने बढ़-चढ़कर भाग लेकर सामाजिक दायित्वों के प्रति जागरूकता का परिचय दिया।
इस दिन आदिवासी संस्कृति और परंपरा के साथ आधुनिकता का सुंदर संगम देखने को मिला। आदिवासी वेशभूषा में पारंपरिक व्यंजनों का निर्माण, लोकवाद्यों की प्रस्तुति, नृत्य और सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने जंबूरी को जीवंत बना दिया। साथ ही हॉर्स राइडिंग, बाइक रेस और वाटर एक्टिविटी जैसी साहसिक गतिविधियों ने युवाओं के साहस और कौशल को प्रदर्शित किया।
आपदा प्रबंधन, ग्लोबल डेवलपमेंट विलेज, वृक्षारोपण, प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता, नाइट हाईक और पायोनियरिंग प्रोजेक्ट जैसी गतिविधियों ने सीख और सेवा के भाव को मजबूत किया। एरिना में आयोजित इंटरनेशनल नाइट कार्यक्रम में विभिन्न देशों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने जंबूरी को अंतरराष्ट्रीय स्वरूप प्रदान किया।
