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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से मिले भारतीय वन सेवा 2024 बैच के प्रशिक्षु अधिकारी

भारतीय वन सेवा (आईएफएस) के 2024 बैच के प्रशिक्षु अधिकारियों ने बुधवार को मंत्रालय स्थित महानदी भवन में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय से शिष्टाचार भेंट की। मुख्यमंत्री ने सभी प्रशिक्षु अधिकारियों को भारतीय वन सेवा में चयनित होने पर बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ का लगभग 44 प्रतिशत भू-भाग वन क्षेत्र से आच्छादित है। राज्य न केवल जैव विविधता और वन्यजीव संपदा से समृद्ध है, बल्कि बड़ी आबादी की आजीविका और सामाजिक जीवन भी वनों पर निर्भर है। ऐसे में छत्तीसगढ़ में कार्यरत भारतीय वन सेवा अधिकारियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाती है। उन्होंने प्रशिक्षु अधिकारियों से अपने प्रशिक्षण काल का पूर्ण समर्पण के साथ सदुपयोग करने का आग्रह किया।

मुख्यमंत्री को प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख श्री व्ही. श्रीनिवास राव ने जानकारी दी कि भारतीय वन सेवा के छह प्रशिक्षु अधिकारी, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वन अकादमी, देहरादून से 16 सप्ताह की ऑन-जॉब ट्रेनिंग के लिए छत्तीसगढ़ भेजे गए हैं। इन अधिकारियों को बस्तर, रायगढ़, धमतरी, राजनांदगांव, कटघोरा और जशपुर वन मंडलों में पदस्थ किया गया है।

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यह प्रशिक्षण 5 जनवरी से 25 अप्रैल 2026 तक चलेगा, जिसके दौरान प्रशिक्षु अधिकारी वन प्रबंधन, संरक्षण और प्रशासन से जुड़े विभिन्न पहलुओं को जमीनी स्तर पर समझेंगे।

भेंट के अवसर पर वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप, विधायक श्री भैयालाल राजवाड़े, अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक श्रीमती शालिनी रैना, मुख्य वन संरक्षक रायपुर श्री मणि वासगन एस सहित प्रशिक्षु अधिकारी अक्षय जैन, कुणाल मिश्रा, एम. जालिंदर यादव, पारख सारदा, प्रीति यादव और यशस्वी मौर्या उपस्थित रहे।