विधानसभा में लक्ष्मी राजवाड़े के विभागों के लिए 11,763 करोड़ रुपये की अनुदान मांगें पारित
छत्तीसगढ़ विधानसभा में महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े के विभागों से संबंधित अनुदान मांगों को सदन ने मंजूरी दे दी है। वित्तीय वर्ष के लिए कुल लगभग 11 हजार 762 करोड़ 53 लाख रुपये के बजट का प्रावधान किया गया है। इसमें महिला एवं बाल विकास विभाग के लिए 10,162 करोड़ 53 लाख रुपये और समाज कल्याण विभाग के लिए 1600 करोड़ रुपये से अधिक की राशि शामिल है।
सदन में चर्चा का जवाब देते हुए मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि राज्य सरकार समाज के अंतिम व्यक्ति तक सम्मान, सुरक्षा और सहयोग पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश में महिलाओं, बच्चों, वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांगजनों के कल्याण के लिए कई योजनाएं प्रभावी रूप से संचालित की जा रही हैं।
मंत्री ने बताया कि महतारी वंदन योजना राज्य की प्रमुख योजनाओं में से एक है, जिसके माध्यम से करीब 70 लाख से अधिक महिलाओं को आर्थिक सहायता दी जा रही है। इस योजना के अंतर्गत अब तक 25 किश्तों में 14 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि महिलाओं को प्रदान की जा चुकी है, जिससे उनके आर्थिक सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिला है।
महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य एवं पोषण को ध्यान में रखते हुए प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के लिए 120 करोड़ रुपये और मिशन वात्सल्य योजना के लिए 80 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा आंगनबाड़ी केंद्रों के संचालन के लिए 800 करोड़ रुपये तथा पूरक पोषण आहार के लिए 650 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है। आंगनबाड़ी केंद्रों की सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए भी अतिरिक्त प्रावधान किए गए हैं।
किशोरी बालिकाओं के स्वास्थ्य और पोषण को ध्यान में रखते हुए किशोरी बालिका योजना के लिए 40 करोड़ रुपये तथा छात्राओं की स्वच्छता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शुचिता योजना के लिए 10 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है।
मंत्री राजवाड़े ने बताया कि बेटियों के भविष्य को सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से राज्य सरकार रानी दुर्गावती योजना शुरू करने जा रही है। इस योजना के तहत बेटियों के 18 वर्ष पूर्ण होने पर उन्हें 1.5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। इसके लिए बजट में 15 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
उन्होंने बताया कि पोषण अभियान के संचालन के लिए 125 करोड़ रुपये तथा मुख्यमंत्री सामूहिक कन्या विवाह योजना के लिए 40 करोड़ रुपये की राशि निर्धारित की गई है। इसके अलावा महिला सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए वन स्टॉप सेंटर, सखी निवास और चाइल्ड हेल्पलाइन जैसी योजनाओं के संचालन के लिए भी पर्याप्त बजट रखा गया है।
समाज कल्याण विभाग के बारे में जानकारी देते हुए मंत्री ने बताया कि वर्ष 2026-27 के लिए विभाग को 1600 करोड़ रुपये का बजट दिया गया है, जो पिछले पांच वर्षों की तुलना में लगभग 59 प्रतिशत अधिक है। सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के तहत लगभग 21 लाख 76 हजार लाभार्थियों को डीबीटी के माध्यम से पेंशन दी जा रही है, जिसके लिए 1402 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
वरिष्ठ नागरिकों की देखभाल और सामाजिक सहभागिता को बढ़ावा देने के लिए राज्य में “सियान गुड़ी” डे-केयर सेंटर स्थापित किए जाएंगे। इसके लिए 5 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है। वहीं वृद्धाश्रमों के संचालन के लिए 6 करोड़ रुपये, राष्ट्रीय परिवार सहायता योजना के लिए 20 करोड़ रुपये और मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के लिए भी 20 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
मंत्री ने यह भी बताया कि दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण के लिए विशेष विद्यालयों के संचालन, कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरण वितरण तथा पुनर्वास कार्यक्रमों के लिए भी बजट में विशेष प्रावधान किए गए हैं। साथ ही उभयलिंगी कल्याण बोर्ड की स्थापना के लिए 1 करोड़ रुपये की राशि निर्धारित की गई है।
लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार का लक्ष्य केवल योजनाएं चलाना नहीं बल्कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक न्याय, सम्मान और सुरक्षा पहुंचाना है। इसी उद्देश्य के साथ सरकार सेवा, संवेदना और संकल्प के साथ विकास के कार्यों को आगे बढ़ा रही है।

