वक्फ संशोधन बिल लोक सभा से पास
नई दिल्ली: वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन और प्रशासन में पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से प्रस्तुत वक्फ संशोधन बिल को लोकसभा ने दिनांक 3अप्रैल रात 2 बजे पास कर मंजूरी दे दी है। मोदी सरकार ने इतिहास रच दिया और बिल के पक्ष में 288 एवं विपक्ष में 232 वोट पड़े। यह बिल लोकसभा में विस्तृत चर्चा के बाद पारित हुआ। अब यह बिल राज्य सभा में प्रस्तुत किया जाएगा, वहाँ से पास होने के पश्चात राष्ट्रपति के हस्ताक्षर से संशोधन पूर्ण होगा और कानून का रुप लेगा।
संशोधन के प्रमुख बिंदु:
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वक्फ बोर्ड की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता लाने के लिए नए नियमों की व्यवस्था।
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वक्फ संपत्तियों के दुरुपयोग और अवैध कब्जों को रोकने के लिए सख्त प्रावधान।
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विवाद निपटान की प्रक्रिया को सरल और तेज़ बनाने की योजना।
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राज्य सरकारों की भूमिका को अधिक स्पष्ट और प्रभावी बनाना।
विपक्ष की आपत्तियाँ
हालांकि सरकार ने इस बिल को ऐतिहासिक करार दिया है, विपक्षी दलों ने इसे लेकर कुछ आपत्तियाँ दर्ज की हैं। उनका तर्क है कि यह कानून वक्फ संपत्तियों के स्वायत्तता को प्रभावित कर सकता है और कुछ समुदायों की चिंता को बढ़ा सकता है।
सरकार का पक्ष
सरकार का कहना है कि इस संशोधन का उद्देश्य वक्फ संपत्तियों का उचित प्रबंधन सुनिश्चित करना और अनियमितताओं को रोकना है। केंद्रीय अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री ने कहा कि यह कानून सभी हितधारकों को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है और इससे किसी समुदाय के अधिकारों का हनन नहीं होगा।
अब यह बिल राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद कानून का रूप लेगा। इस संशोधन से वक्फ संपत्तियों का अधिक सुचारू और पारदर्शी प्रबंधन सुनिश्चित करने की उम्मीद जताई जा रही है।