तुरमा गांव में निषाद राज गुह जयंती का भव्य आयोजन: शोभायात्रा, अखंड रामायण और सांस्कृतिक कार्यक्रमों से गूंजा अंचल
तुरमा भाटापारा। प्रभु श्रीराम के परम सखा और श्रृंगेवरपुर के महाराजा निषाद राज गुह की स्मृति में भाटापारा अंचल के ग्राम तुरमा में निषाद समाज द्वारा भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह पर्व श्रद्धा, उत्साह और सांस्कृतिक उल्लास के साथ मनाया गया, जिसमें गांव सहित आसपास के लोगों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।
निषाद राज गुह वही महान व्यक्तित्व हैं, जिन्होंने वनवास काल के दौरान श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण को अपनी नाव से नदी पार कराई थी। उनकी मित्रता, सेवा और समर्पण भारतीय संस्कृति में आदर्श मानी जाती है। उन्हीं के सम्मान में यह जयंती प्रतिवर्ष परंपरागत रूप से मनाई जाती है।
परंपरा और आयोजन
विभिन्न क्षेत्रों की परंपरा के अनुसार यह जयंती कहीं चैत्र शुक्ल पंचमी (अप्रैल माह) तो कहीं जनवरी के मध्य में आयोजित की जाती है। तुरमा गांव में इस अवसर पर शोभायात्रा, पूजा-अर्चना, रामायण पाठ और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत भव्य कलश यात्रा से हुई। इसके बाद 24 घंटे के अखंड रामायण पाठ का आयोजन किया गया, जिसमें ग्रामवासियों ने पूरे श्रद्धाभाव से सहभागिता निभाई। यह आयोजन गांव में आपसी एकता, भाईचारे और सामाजिक समरसता का प्रतीक बना।
जयंती का उद्देश्य और महत्व
इस पर्व का मुख्य उद्देश्य नई पीढ़ी को अपने गौरवशाली इतिहास से परिचित कराना और सामाजिक एकता, शिक्षा तथा सेवा के आदर्शों को बढ़ावा देना है। निषाद समाज के लिए यह आयोजन अपनी सांस्कृतिक विरासत को सहेजने और सामूहिक एकजुटता प्रदर्शित करने का महत्वपूर्ण माध्यम है।
युवा प्रमुख गोपाल निषाद ने कहा कि इस प्रकार का आयोजन हमारे गांव में पहली बार हुआ है और इसे हर वर्ष निरंतर आयोजित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि यह केवल निषाद समाज तक सीमित आयोजन नहीं है, बल्कि सभी समाजों को एकता और सद्भाव का संदेश देने वाला कार्यक्रम है।
उन्होंने कहा कि त्रेता युग में प्रभु श्रीराम और निषाद राज गुह की मित्रता हमें सिखाती है कि सच्ची मित्रता और आपसी विश्वास ही समाज को जोड़कर रख सकते हैं। आज के समय में परिवारों और समाज में बढ़ते विवादों को कम करने के लिए हमें अपने पौराणिक ग्रंथों और इतिहास से प्रेरणा लेने की आवश्यकता है।
सामूहिक सहभागिता से सफल हुआ आयोजन
इस कार्यक्रम को सफल बनाने में गांव के निषाद समाज प्रमुख मदन निषाद, रामरतन निषाद, मालिकराम निषाद, ग्राम पंचायत तुरमा की सरपंच लीलाबाई परस मनहरे, उपसरपंच जीवराखन यदु, समस्त पंचगण, महिला कमांडो सदस्य, विशेष सहयोगी चिंताराम पाल, पंचूराम पाल, मिट्ठूलाल पाल, बंशीलाल ध्रुव, नाथूराम यदु सहित अनेक ग्रामवासियों का विशेष योगदान रहा।
युवाओं की ओर से युवा प्रमुख गोपाल निषाद, शंभू निषाद, योगेश निषाद, लीलाधर निषाद, महेंद्र निषाद, गीतेश निषाद, पुरुषोत्तम निषाद, हेमसिंह, खेमसिंह, गणेश निषाद, नरेश निषाद, सुरेंद्र निषाद सहित बड़ी संख्या में युवाओं ने सक्रिय सहयोग प्रदान किया।
कार्यक्रम में उपस्थित सभी ग्रामवासियों ने एकजुट होकर आयोजन का आनंद लिया और इसे सामाजिक सद्भाव का अनुपम उदाहरण बताया।
यह आयोजन तुरमा गांव के लिए ऐतिहासिक सिद्ध हुआ और आने वाले वर्षों में इसे और भव्य रूप देने का संकल्प लिया गया।
प्रेषक:
तीजराम पाल
