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टेक्सास में 300 अरब डॉलर की नई रिफाइनरी बनेगी, ट्रंप ने रिलायंस के निवेश को बताया ऐतिहासिक सौदा

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने टेक्सास के ब्राउन्सविल में एक नए तेल रिफाइनरी प्रोजेक्ट की घोषणा की है। उन्होंने इस परियोजना के लिए भारत की निजी क्षेत्र की ऊर्जा कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज़ के निवेश की सराहना करते हुए इसे “ऐतिहासिक समझौता” बताया।

ट्रंप के अनुसार ब्राउन्सविल में बनने वाली यह रिफाइनरी करीब 300 अरब डॉलर के निवेश से तैयार की जाएगी और यह पिछले लगभग 50 वर्षों में अमेरिका में बनने वाली पहली नई तेल रिफाइनरी होगी। इस परियोजना को ‘अमेरिका फर्स्ट रिफाइनिंग’ कंपनी विकसित करेगी, जो इस साल अप्रैल से जून के बीच निर्माण कार्य शुरू करने की योजना बना रही है।

रिलायंस इंडस्ट्रीज़ दुनिया के सबसे बड़े सिंगल-लोकेशन रिफाइनिंग कॉम्प्लेक्स का संचालन गुजरात के जामनगर में करती है। ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर पोस्ट करते हुए कहा कि यह परियोजना अमेरिकी ऊर्जा क्षेत्र के लिए बड़ी उपलब्धि साबित होगी और इससे हजारों नए रोजगार भी पैदा होंगे।

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उन्होंने कहा कि “अमेरिका फर्स्ट” नीति के तहत परमिट प्रक्रिया को आसान बनाने और करों में कटौती के कारण इस तरह के बड़े निवेश देश में आ रहे हैं। ट्रंप के मुताबिक यह रिफाइनरी अमेरिकी बाजारों को ईंधन उपलब्ध कराने के साथ-साथ ऊर्जा उत्पादन को भी बढ़ाएगी और इसे दुनिया की सबसे स्वच्छ रिफाइनरी बनाने का लक्ष्य रखा गया है।

यह घोषणा ऐसे समय में हुई है जब पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल देखने को मिल रहा है। फरवरी के अंत में अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों के बाद क्षेत्र में संघर्ष बढ़ गया, जिसके कारण वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चिंताएं बढ़ी हैं और तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गई हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका में नई रिफाइनरी स्थापित करने का निर्णय ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हो सकता है। इससे घरेलू स्तर पर उत्पादित शेल तेल को सीधे देश में ही प्रोसेस करने की क्षमता बढ़ेगी और आयातित भारी कच्चे तेल पर निर्भरता कम हो सकती है।

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इस परियोजना से जुड़े समझौते के तहत अगले 20 वर्षों में लगभग 1.2 अरब बैरल अमेरिकी शेल तेल को प्रोसेस किया जाएगा। अनुमान है कि इससे करीब 50 अरब गैलन परिष्कृत ईंधन तैयार होगा, जिसकी कुल संभावित कीमत लगभग 175 अरब डॉलर हो सकती है।

ब्राउन्सविल पोर्ट पर बनने वाली यह रिफाइनरी निर्यात के लिहाज से भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। विशेषज्ञों के अनुसार इससे अमेरिका के ऊर्जा व्यापार संतुलन में सुधार हो सकता है और वैश्विक बाजारों में उसकी हिस्सेदारी बढ़ सकती है।