मध्य पूर्व में संघर्ष तेज: बेरूत और तेहरान पर हमले, ईरान ने तेल अवीव पर दागी मिसाइलें
मध्य पूर्व में जारी संघर्ष और तेज हो गया है। शुक्रवार को इज़राइल ने लेबनान की राजधानी बेरूत के दक्षिणी उपनगरों और ईरान की राजधानी तेहरान में कई ठिकानों पर बड़े पैमाने पर हवाई हमले किए। वहीं जवाबी कार्रवाई में ईरान ने तेल अवीव को निशाना बनाते हुए मिसाइलें दागने का दावा किया है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, बेरूत के दक्षिणी इलाकों में रातभर जोरदार धमाके और आसमान में चमकती रोशनी देखी गई। इज़राइली सेना ने कहा कि उसने इन इलाकों में 26 चरणों में हवाई हमले किए, जिनका निशाना ईरान समर्थित हिज़्बुल्लाह के कमांड सेंटर और हथियार भंडार थे।
दूसरी ओर ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया कि उसने “ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस 4” के तहत तेल अवीव के अहम ठिकानों पर ‘खैबर’ मिसाइलें और ड्रोन दागे। ईरान का कहना है कि यह हमला संयुक्त मिसाइल और ड्रोन अभियान का हिस्सा था।
इसी बीच कतर में स्थित अमेरिकी अल-उदीद एयरबेस पर भी ड्रोन हमला हुआ। यह मध्य पूर्व में अमेरिका का सबसे बड़ा सैन्य अड्डा माना जाता है। कतर के अधिकारियों के अनुसार इस हमले में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।
ईरान ने यह भी दावा किया कि उसके हमलों में इज़राइल के रमत डेविड एयरबेस और एक रडार स्टेशन को निशाना बनाया गया। इसके अलावा कुवैत के अल-अदीरी कैंप और इराक के एरबिल में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर भी ड्रोन हमले किए गए।
इस संघर्ष को शुरू हुए अब सात दिन हो चुके हैं। ईरान के रेड क्रेसेंट सोसाइटी के अनुसार इस दौरान ईरान में 1,200 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि इज़राइली हमलों में अब तक 123 लोगों की जान गई है और 600 से अधिक लोग घायल हुए हैं।
इसी बीच हिज़्बुल्लाह ने इज़राइल के सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को चेतावनी दी है कि वे सीमा से पांच किलोमीटर के दायरे में आने वाले कस्बों को खाली कर दें। संगठन ने कहा कि लेबनान की संप्रभुता और नागरिकों पर हमलों का जवाब दिया जाएगा।
संघर्ष के बीच अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयान ने भी विवाद खड़ा कर दिया है। उन्होंने इराक में मौजूद ईरानी कुर्द बलों को ईरान के खिलाफ कार्रवाई के लिए प्रोत्साहित किया। ट्रंप ने यह भी कहा कि ईरान के अगले नेता के चयन में अमेरिका की भूमिका होनी चाहिए।
हालांकि अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने स्पष्ट किया कि अमेरिका अपने सैन्य उद्देश्यों का विस्तार नहीं कर रहा है। उनके अनुसार अमेरिका का लक्ष्य ईरान की बैलिस्टिक मिसाइल क्षमता को खत्म करना और उसे परमाणु हथियार विकसित करने से रोकना है।
इस बढ़ते संघर्ष का असर वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी दिखाई दे रहा है। तेल की कीमतों में तेजी और ऊर्जा आपूर्ति में बाधा के कारण दुनिया भर के शेयर बाजारों में गिरावट देखी जा रही है। एशियाई बाजारों में भी पिछले कई वर्षों की सबसे बड़ी साप्ताहिक गिरावट दर्ज की गई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि जल्द ही स्थिति नियंत्रित नहीं हुई तो मध्य पूर्व का यह संघर्ष और व्यापक रूप ले सकता है, जिससे वैश्विक राजनीति और अर्थव्यवस्था पर गंभीर प्रभाव पड़ने की आशंका है।

