मजबूत आर्थिक संकेतकों के बावजूद रुपया कमजोर: गिरावट के असली कारण
भारतीय रुपए में तेज गिरावट के पीछे वैश्विक व्यापारिक तनाव, FII निकासी और डॉलर की बढ़ती मांग प्रमुख कारण हैं। पढ़ें विस्तृत आर्थिक विश्लेषण।
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Read Moreमेरिका एवं चीन के बीच छिड़े व्यापार युद्ध का प्रभाव भी भारत पर सकारात्मक रहने की सम्भावना है क्योंकि इससे यदि चीन से अमेरिका को निर्यात कम होते हैं तो सम्भव हैं कि भारत से अमेरिका को निर्यात बढ़ें। भारत से निर्यात बढ़ने पर भारतीय रुपए पर दबाव कम होने लगेगा, जिससे भारतीय रिजर्व बैंक को भारत में रेपो दर को कम करने में और अधिक आसानी होगी।
Read Moreभारत सरकार की वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारामन द्वारा 31 जनवरी 2025 को लोक सभा में आर्थिक सर्वेक्षण 2024-25 प्रस्तुत किया गया। यह सर्वेक्षण देश की आर्थिक स्थिति का व्यापक विश्लेषण प्रस्तुत करता है और आगामी वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए संभावित आर्थिक परिदृश्य को दर्शाता है।
Read MoreAs of March 31, 2024, the capital adequacy ratio of scheduled commercial banks in India stood at 16.8%. The gross non-performing assets (NPA) ratio hit a multi-year low of 2.8%, and the net NPA ratio dropped to a record low of 0.6%. Not only are the scheduled commercial banks strong, but non-banking financial companies (NBFCs) also remain healthy
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