खालवाटिका की विरासत और सामाजिक समरसता का प्रतीक हैं महात्मा देवपाल मोची
कल्चुरी कालीन खालवाटिका और महात्मा देवपाल मोची की ऐतिहासिक विरासत पर केंद्रित सामाजिक समरसता संगोष्ठी 18 जनवरी को खल्लारी में आयोजित।
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Read Moreराष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की प्रेरणा से आयोजित सकल हिंदू सम्मेलन देशभर में सामाजिक समरसता, संगठनात्मक चेतना और सनातन परंपराओं के प्रति जागरूकता का संदेश दे रहे हैं।
Read Moreहिंदू सम्मेलन कैसे सामाजिक समरसता, सांस्कृतिक एकता और राष्ट्रबोध को सशक्त कर रहे हैं, आरएसएस शताब्दी वर्ष के संदर्भ में एक विश्लेषणात्मक लेख।
Read Moreमुंगेली जिले के सेतगंगा धाम में आयोजित गुरु घासीदास बाबा जयंती समारोह में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बाबा के समानता, सद्भाव और मानवता के संदेश को स्मरण किया। इस अवसर पर उन्होंने पूजा-अर्चना की और सेतगंगा धाम के विकास हेतु कई महत्वपूर्ण वित्तीय घोषणाएं कीं।
Read Moreगुरु नानक देव जी ने भक्ति आंदोलन को आध्यात्मिकता से आगे बढ़ाकर सामाजिक समरसता, नारी सम्मान और भाईचारे का प्रतीक बनाया। उनकी साखियों में मानवता और एकेश्वरवाद का जीवंत संदेश छिपा है, जो आज भी प्रासंगिक है।
Read Moreछठ पूजा भारतीय संस्कृति का एक अनमोल रत्न है, जो सूर्य देव की उपासना के माध्यम से सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक एकता का प्रतीक बनता है। प्रकृति पूजा, नारी सशक्तीकरण और पर्यावरण संरक्षण के आयामों से परिपूर्ण यह पर्व हमें सिखाता है कि सादगी में ही सच्ची समृद्धि छिपी है।
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