\

छत्तीसगढ़ का छेरछेरा पुन्नी तिहार एवं सामाजिक महत्व

छत्तीसगढ़ अपनी सांस्कृतिक विविधता और लोक परंपराओं के लिए जाना जाता है। पौष पूर्णिमा को सुबह से ही गाँव गाँव में बच्चों की टोली घूमने लगती है और  छेरिक छेरा छेर बरकतीन छेर छेरा। माई कोठी के धान ल हेर हेरा, की पुकार गूंजने लगती है। क्योंकि यहाँ के पर्व-त्यौहार न केवल धार्मिक और सांस्कृतिक जीवन का हिस्सा हैं, बल्कि ये समाज को एकजुट करने, प्रकृति का सम्मान करने और सामूहिकता को बढ़ावा देने का माध्यम भी हैं।

Read more

राम कृपा बिनु सुलभ न सोई

राम मंदिर के उद्घाटन के साथ, अयोध्या एक वैश्विक धार्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में उभर रहा है। यह न केवल भगवान राम की जन्मभूमि के रूप में, बल्कि सांस्कृतिक और ऐतिहासिक महत्व के केंद्र के रूप में भी पहचाना जाएगा। यह मंदिर करोड़ों लोगों की आस्था, संघर्ष और प्रतीक्षा का सजीव उदाहरण है।

Read more

महर्षि दयानंद सरस्वती का हिन्दी भाषा की प्रसिद्धि में योगदान

महर्षि दयानंद ने हिन्दी को भारत की विविध भाषाओं और समुदायों के बीच सांस्कृतिक और सामाजिक एकता स्थापित करने का साधन माना। उन्होंने हिन्दी को भारत के स्वतंत्रता आंदोलन और सामाजिक सुधार के लिए एक प्रभावशाली उपकरण के रूप में प्रस्तुत किया।

Read more

प्रवासी भारतीयों की वैश्विक स्थिति एवं योगदान प्रवासी : भारतीय दिवस विशेष

प्रवासी उस व्यक्ति को कहा जाता है जो अपने देश को छोड़कर किसी अन्य देश में रहने, काम करने या बसने के लिए जाता है। विशेष रूप से, प्रवासी भारतीय वे भारतीय होते हैं जो अपने देश से बाहर किसी अन्य देश में रहते हैं, काम करते हैं या स्थायी रूप से बस गए होते हैं।

Read more

धर्म, बलिदान और वीरता के प्रतीक : गुरु गोविंद सिंह

गुरु गोविंद सिंह का जीवन धर्म, न्याय और स्वतंत्रता की रक्षा के लिए संघर्षों से भरा था। उन्होंने मुगल शासकों और स्थानीय शासकों के अत्याचारों के खिलाफ सिख समुदाय को संगठित किया।

Read more

सोमवती अमावस्या का महत्व और परंपरा

सोमवती अमावस्या की कथाएँ इस बात को रेखांकित करती हैं कि यह दिन श्रद्धा, सेवा, दान और पितृ पूजा के माध्यम से जीवन में शुभता और समृद्धि लाने का अवसर प्रदान करता है।

Read more