रेखा पाण्डेय

futuredलोक-संस्कृति

दुनिया भर में नज़र उतारने की प्राचीन परंपराएं

नज़र दोष या बुरी नज़र की अवधारणा भारतीय परंपरा से लेकर तुर्की, ग्रीस, मध्य पूर्व और लैटिन अमेरिका तक फैली हुई है। यह आलेख नज़र से जुड़ी मान्यताओं, घरेलू उपायों और वैश्विक सांस्कृतिक संदर्भों को मानवीय दृष्टिकोण से प्रस्तुत करता है।

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futuredपॉजिटिव स्टोरी

राष्ट्रीय सुरक्षा दिवस : सुरक्षित राष्ट्र, सशक्त नागरिक

राष्ट्रीय सुरक्षा दिवस (4 मार्च) के महत्व, इतिहास, उद्देश्य और 2026 की थीम पर आधारित लेख। इसमें राष्ट्रीय सुरक्षा के विभिन्न आयामों और नागरिकों की भूमिका पर विस्तृत जानकारी दी गई है।

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futuredहमारे नायक

राष्ट्र चेतना की स्वरमयी प्रतीक सरोजिनी नायडू

भारत कोकिला सरोजिनी नायडू के जीवन, साहित्य, स्वतंत्रता संग्राम में योगदान और महिला सशक्तिकरण की प्रेरक गद्यात्मक प्रस्तुति।

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futuredमनकही

मोबाईल और इंटरनेट बिना जग सून : मनकही

मोबाइल और इंटरनेट की बढ़ती लत ने मनुष्य को सामाजिक जीवन से दूर कर डिजिटल निर्भरता में बाँध दिया है। यह लेख आधुनिक जीवन की इसी सच्चाई को मार्मिक रूप में प्रस्तुत करता है।

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futuredसाहित्य

बुंदेलखंड की मिट्टी से उठी एक अमर साहित्यिक ज्योति डॉक्टर वृंदावनलाल वर्मा

डॉक्टर वृंदावनलाल वर्मा को आज जब हम उन्हें याद करते हैं तो यह अनुभव होता है कि वे कहीं गए नहीं हैं। वे अपने उपन्यासों के पन्नों में, बुंदेलखंड की धूल में और हर उस हृदय में जीवित हैं जो अपने अतीत पर गर्व करता है और भविष्य के लिए आशा रखता है। उनकी कलम की स्याही सूखी नहीं है, वह आज भी हमारी चेतना में बह रही है। 

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futuredधर्म-अध्यात्म

श्रीराम मंदिर अयोध्या की ध्वजा और आध्यात्मिक भारत की पुनर्स्थापना

सनातन धर्म में ध्वजा का आध्यात्मिक महत्व, श्रीराम मंदिर अयोध्या का भव्य ध्वजारोहण, उसके प्रतीक, स्थापत्य और रामराज्य की भावना पर आधारित विस्तृत आलेख।

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