आचार्य ललित मुनि

futuredपॉजिटिव स्टोरी

वीर सावरकर का जीवन युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणा

यह लेख वीर सावरकर के जीवन, संघर्ष, विचार और साहस का मानवीय व प्रेरक चित्रण प्रस्तुत करता है। जानिए क्यों उनका जीवन आज की युवा पीढ़ी के लिए आत्मबल, राष्ट्रप्रेम और आत्मानुशासन की प्रेरणा है।

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futuredधर्म-अध्यात्म

दया, प्रेम और समन्वय के प्रतीक संत दादू दयाल

भारतीय संत परंपरा में कुछ ऐसे नाम हैं जिनकी उपस्थिति केवल इतिहास की पंक्तियों में सीमित नहीं रहती, बल्कि लोकमानस की धड़कनों में बस जाती है। संत दादू दयाल उन्हीं दिव्य व्यक्तित्वों में से एक हैं।

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futuredलोक-संस्कृति

छत्तीसगढ़ की संस्कृति और पारिस्थितिकी का जीवंत सेतु छिंद का वृक्ष

छत्तीसगढ़ विशेषकर बस्तर में पाए जाने वाले छिंद वृक्ष का ऐतिहासिक, पारिस्थितिक और सांस्कृतिक महत्व। जैव विविधता संरक्षण से लेकर छिंद रस और गुड़ के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था सशक्त करने की पहल पर विस्तृत आलेख।

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futuredहमारे नायक

औपनिवेशिक शोषण के विरुद्ध संगठित संघर्ष का प्रतीक बुधू भगत

वीर बुधू भगत के जीवन, कोल विद्रोह 1831–32 में उनकी भूमिका, आदिवासी अस्मिता और ब्रिटिश शोषण के विरुद्ध उनके संगठित संघर्ष की प्रेरक और शोधपरक कथा।

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futuredसमाज

विदेशी पर्वों से भारतीय समाज में खंडित होती मर्यादा और बढता सांस्कृतिक प्रदूषण

वेलेंटाइन डे के बढ़ते प्रभाव के बीच भारतीय संस्कृति में अपसंस्कृतिकरण, सांस्कृतिक प्रदूषण और नैतिक वर्जनाओं के क्षरण पर गहन विश्लेषण। परंपरा, परिवार और आधुनिकता के टकराव पर केंद्रित विशेष आलेख।

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futuredमनकही

रेडियो और लोकतंत्र की वापसी की वह गंवई शाम

ग्रामीण भारत में रेडियो सूचना और मनोरंजन का प्रमुख माध्यम था। इसी रेडियो ने 25 जून 1975 को आपातकाल की घोषणा और 21 मार्च 1977 को उसके समाप्त होने की खबर सुनाई। एक ग्रामीण बालक की स्मृतियों में दर्ज उस दौर का भावनात्मक संस्मरण।

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