सिंहगढ़ का युद्ध और तानाजी मालुसरे का अद्वितीय बलिदान
सिंहगढ़ के युद्ध में तानाजी मालुसरे के अद्वितीय पराक्रम और बलिदान की प्रेरक गाथा, जिसने हिन्दवी स्वराज्य को विजय दिलाई।
Read Moreसिंहगढ़ के युद्ध में तानाजी मालुसरे के अद्वितीय पराक्रम और बलिदान की प्रेरक गाथा, जिसने हिन्दवी स्वराज्य को विजय दिलाई।
Read Moreक्रूरतम यातनाओं का क्रम सम्भाजी के साथ चला। यह सब कोई 38 दिन चला। उन्हे उल्टा लटका कर पिटाई की गई, आँखे निकालीं गई, चीरा लगाकर नमक लगाया गया, जिव्हा काटी गई। और अंत में एक एक अंग काटकर तुलापुर नदी में फेक दिया गया।
Read Moreमुगल सेना लगभग सत्तर हजार सैनिकों की एक संयुक्त सेना थी जिसमें मुगल, निजाम, अवध और भोपाल रियासतों के सैनिक थे। सबका समर्पण हुआ। मराठा सेना ने मुगल सेना की तोपें और कुछ हथियार जब्त किये तथा युद्ध व्यय के रूप में पचास लाख रुपया भी वसूल किया।
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