श्रीनाथद्वारा में हिंदी दिवस समारोह: देशभर के साहित्यकार हुए एकत्रित
श्रीनाथद्वारा में हिंदी दिवस समारोह 2025, जिसमें देशभर के साहित्यकारों ने भाग लेकर हिंदी भाषा की गरिमा और राष्ट्रबोध पर अपने विचार व्यक्त किए।
Read Moreश्रीनाथद्वारा में हिंदी दिवस समारोह 2025, जिसमें देशभर के साहित्यकारों ने भाग लेकर हिंदी भाषा की गरिमा और राष्ट्रबोध पर अपने विचार व्यक्त किए।
Read Moreआलेख प्रवासी भारतीयों के अनुभवों और गिरमिटिया मजदूरों द्वारा दुनिया के विभिन्न हिस्सों में हिंदी के प्रसार को भी उजागर करता है। फिजी, मॉरीशस, सूरीनाम, त्रिनिदाद, अमेरिका, ब्रिटेन, दक्षिण अफ्रीका और खाड़ी देशों में हिंदी कैसे पहचान और जुड़ाव का माध्यम बनी, इसका उल्लेख इसमें विस्तार से किया गया है।
Read Moreभारत के अधिकांश भागों में हिंदी ही प्रचलित थी, इसलिए इसे राजभाषा बनाने का निर्णय लिया गया। इस निर्णय के महत्व को उजागर करने और हिंदी को हर क्षेत्र में जन-जन तक पहुंचाने के लिए 1953 से पूरे देश में 14 सितंबर को हिंदी दिवस के रूप में मनाने की आधिकारिक घोषणा की गई।
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