साहित्य और राजनीति

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साहित्य मानवता का पक्षधर है: ओड़िया-संस्कृत साहित्यकार गंगाधर गुरू से स्वराज करूण की अंतरंग बातचीत

ओड़िया और संस्कृत साहित्य के समर्पित साधक गंगाधर गुरू का मानना है कि साहित्य कभी निष्पक्ष नहीं होता, वह केवल मानवता का पक्षधर होता है। प्रस्तुत है साहित्य, संस्कृति, धर्म और राष्ट्रभाषा पर आधारित उनकी गहन अंतर्दृष्टियों से भरी बातचीत।

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