आज की पीढ़ी के लिए प्रेरणा है रानी अवंतिबाई का जीवन
पुण्यतिथि विशेष आलेख में रानी अवंतिबाई लोधी के जीवन, साहस, नेतृत्व और बलिदान से आज की पीढ़ी के लिए प्रेरणा तथा राष्ट्रनिर्माण के संदेश का विस्तृत विश्लेषण।
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Read Moreभारत के स्वाभिमान, स्वाधीनता और संस्कृति की रक्षा के लिए अपने प्राणों का बलिदान देने वाली महारानी लक्ष्मीबाई का जन्म 19 नवम्बर 1828 को बनारस में मणिकर्णिका के रूप में हुआ। वीरता, साहस और राष्ट्रभक्ति की प्रतीक रानी लक्ष्मीबाई ने अंग्रेजों से झाँसी, कालपी और ग्वालियर में अदम्य साहस से युद्ध लड़ा और 18 जून 1858 को रणभूमि में वीरगति प्राप्त की। उनका जीवन त्याग, नेतृत्व और राष्ट्रभक्ति का प्रेरणादायक इतिहास है।
Read Moreपंडित प्रेमनाथ डोगरा का जीवन राष्ट्र और संस्कृति के प्रति समर्पण का अद्वितीय उदाहरण है। कश्मीर रियासत के प्रशासनिक अधिकारी से लेकर भारतीय जनसंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने तक उनका योगदान देशभक्ति, एकता और जनजागरण का प्रतीक रहा।
Read Moreरायपुर में शहीद स्मारक भवन से तेलीबांधा तक निकली तिरंगा यात्रा में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने एकता, अखंडता और राष्ट्रभक्ति का आह्वान किया। कार्यक्रम में हजारों नागरिक और जनप्रतिनिधि शामिल हुए।
Read Moreछत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने उनके राष्ट्रभक्ति, शिक्षा और भारतीय एकता के योगदान को स्मरण कर नागरिकों से उनके आदर्शों को अपनाने का आह्वान किया।
Read Moreमुख्यमंत्री साय ने कहा कि सेल्युलर जेल में बिताए गए सावरकर जी के कठोरतम वर्ष उनके अदम्य साहस, राष्ट्रभक्ति और मानसिक दृढ़ता के प्रमाण हैं। उनका बलिदान भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में स्वर्णाक्षरों में अंकित है।
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