रंग पंचमी

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रंगों में रचा भारतीय जीवन, भक्ति और वसंतोत्सव : रंग पंचमी

रंग पंचमी भारतीय चेतना का जीवंत प्रतीक है। यह बताती है कि रंग केवल उत्सव का माध्यम नहीं बल्कि प्रेम, भक्ति और जीवन की ऊर्जा का प्रतीक हैं। कालिदास, जयदेव और सूरदास की काव्य परंपरा हमें यह सिखाती है कि रंग तभी सार्थक हैं जब वे मन की शुद्धि और प्रेम की भावना से जुड़े हों।

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छत्तीसगढ़ में रंग पंचमी के दिन लट्ठमार होली

छत्तीसगढ़ में रंग पंचमी का त्योहार पारंपरिक उत्साह और हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। यह त्योहार होली के पांच दिन बाद आता है और इसमें रंगों की धूम देखने को मिलती है। छत्तीसगढ़ के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में इसे एक सांस्कृतिक पर्व के रूप में मनाया जाता है, तथा इस दिन भी फ़ाग गाने एवं रंग खेलने की परम्परा दिखाई देती है।

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