जब एक युवा ने साम्राज्य को चुनौती दी : हेमू कालाणी
अमर क्रांतिकारी हेमू कालाणी के जीवन, बलिदान और भारत छोड़ो आंदोलन में उनकी भूमिका का प्रामाणिक और प्रेरक विवरण।
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Read Moreभारत के स्वतंत्रता संग्राम में छत्तीसगढ़ के स्वतंत्रता सेनानियों की भूमिका, 1857 से 1947 तक के आंदोलनों और बलिदानों का विस्तृत ऐतिहासिक विवरण।
Read Moreस्वतंत्रता संग्राम सेनानी और ‘झंडा ऊँचा रहे हमारा’ के रचनाकार श्यामलाल गुप्त का जीवन परिचय, उनके संघर्ष, बलिदान और राष्ट्र सेवा के उल्लेखनीय योगदान पर विशेष आलेख।
Read More1942 के भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान गुप्त रूप से संचालित ‘कांग्रेस रेडियो’ असहमति की मुखर आवाज़ बना, जिसने अंग्रेज़ी शासन को चुनौती दी और स्वतंत्रता संग्राम में संचार का नया आयाम जोड़ा।
Read Moreसैनिकों के बलिदान पर उनका गीत “ऐ मेरे वतन के लोगो, जरा आँख में भर लो पानी” की रचना की। जिस भाव से प्रदीप ने इस गीत की रचना की उसी भावना से लता जी ने गाया। इस गीत के बोल आज भी हृदय को छू जाते हैं। यह गीत देश भक्ति के गीतों में अग्रणी माना गया ।
Read Moreस्वाधिनता आँदोलन के इतिहास में यह नौ अगस्त की तिथि दो महत्वपूर्ण स्मृतियों से जुड़ी है। पहली तिथि 9 अगस्त 1925 है इसदिन क्राँतिकारी आँदोलन को गति देने केलिये काकोरी रेल्वे स्टेशन पर सरकारी खजाना लूटा गया था।
दूसरी तिथि 9 अगस्त 1942 है जब अहिसंक आँदोलन को निर्णायक स्वरूप देने के लिये अंग्रेजो भारत छोड़ो आँदोलन आरंभ हुआ था।