भारत का इतिहास

futuredहमारे नायक

19 नवम्बर1828 रानी लक्ष्मीबाई का जन्म राष्ट्र और संस्कृति रक्षा का अद्भुत संघर्ष

भारत के स्वाभिमान, स्वाधीनता और संस्कृति की रक्षा के लिए अपने प्राणों का बलिदान देने वाली महारानी लक्ष्मीबाई का जन्म 19 नवम्बर 1828 को बनारस में मणिकर्णिका के रूप में हुआ। वीरता, साहस और राष्ट्रभक्ति की प्रतीक रानी लक्ष्मीबाई ने अंग्रेजों से झाँसी, कालपी और ग्वालियर में अदम्य साहस से युद्ध लड़ा और 18 जून 1858 को रणभूमि में वीरगति प्राप्त की। उनका जीवन त्याग, नेतृत्व और राष्ट्रभक्ति का प्रेरणादायक इतिहास है।

Read More
futuredछत्तीसगढताजा खबरें

“वंदे मातरम्” के 150 वर्ष: पीएम मोदी बोले – 1937 में गीत के अंश हटाने से बंटवारे के बीज बोए गए, विभाजनकारी सोच अब भी चुनौती

वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूरे होने पर पीएम मोदी ने कहा कि 1937 में इसके अंश हटाना बंटवारे की सोच की शुरुआत थी। उन्होंने इसे आज भी देश के लिए चुनौती बताया, जबकि कांग्रेस और बीजेपी आमने-सामने आ गए।

Read More
futuredइतिहास

आँसुओं और रक्त की धारा के बीच भारत विभाजन की त्रासदी

भारत के प्राचीन गौरव, विभाजन के दर्द और अखंड भारत की संकल्पना पर आधारित विस्तृत आलेख, जिसमें इतिहास, संस्कृति और भूगोल की महत्ता को स्पष्ट किया गया है।

Read More
futuredहमारे नायक

जलियांवाला बाग से लेकर बिलफ्रेड पार्क तक का सफर

महान क्राँतिकारी चन्द्रशेखर आजाद एक ऐसे विलक्षण व्यक्तित्व के धनी थे कि उन्होंने अंग्रेजी शासन के विरुद्ध भारत के संपूर्ण

Read More