भारतीय निर्यात

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भारत–यूरोपीय यूनियन मुक्त व्यापार समझौता: साझा समृद्धि की ओर ऐतिहासिक कदम

भारत और यूरोपीय यूनियन के 27 देशों के बीच हुए ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौते का अर्थव्यवस्था, रोजगार, उद्योग और वैश्विक व्यापार पर प्रभाव।

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futuredविश्व वार्ता

भारतीय अर्थव्यवस्था, उद्योग और वैश्विक भूमिका के लिए एक निर्णायक मोड़ : भारत–ईयू मुक्त व्यापार समझौता

भारत और यूरोपीय संघ के बीच हुए मुक्त व्यापार समझौते का अर्थ क्या है, इससे भारतीय निर्यात, उद्योग, रोजगार और वैश्विक अर्थव्यवस्था को कैसे लाभ होगा

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futuredताजा खबरें

भारत–यूरोपीय संघ के बीच ऐतिहासिक व्यापार समझौता, 20 साल की बातचीत के बाद बनी सहमति

करीब 20 वर्षों की बातचीत के बाद भारत और यूरोपीय संघ के बीच ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौते पर सहमति बनी है। इस समझौते से टैरिफ में बड़ी कटौती होगी, भारतीय निर्यातकों को यूरोपीय बाजार में आसान पहुंच मिलेगी और दोनों पक्षों के आर्थिक व रणनीतिक संबंध और मजबूत होंगे।

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futuredपॉजिटिव स्टोरी

अमेरिका द्वारा टैरिफ बढ़ोतरी से भारत की आत्मनिर्भरता सुदृढ़ होगी, खुलेंगी नई राह

अमेरिका ने भारतीय उत्पादों पर 25% अतिरिक्त टैरिफ लगाया जिससे निर्यात प्रभावित हो सकता है, लेकिन भारत नए बाजारों, आत्मनिर्भरता और विविधीकरण से इस झटके को अवसर में बदलने की तैयारी कर रहा है।

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futuredताजा खबरेंविश्व वार्ता

भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने की ओर, ट्रंप बोले – ‘अब प्रतिस्पर्धा संभव होगी’

जैसे-जैसे 9 जुलाई की समयसीमा नजदीक आ रही है, भारत और अमेरिका के बीच यह व्यापार वार्ता निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई है। अगर कोई समझौता नहीं हुआ, तो दोनों देशों के व्यापारिक संबंधों पर इसका गंभीर असर पड़ सकता है। वहीं अगर एक सफल समझौता होता है, तो यह द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊँचाई तक ले जा सकता है।

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futuredविविधविश्व वार्ता

वैश्विक व्यापार युद्ध में भारत के लिए अवसर और चुनौतियाँ

तीसरे, मेक इन इंडिया ट्रम्प के टैरिफ युद्ध का सही जवाब है। आज भारत को सही अर्थों में “आत्मनिर्भर भारत” बनाए जाने की सबसे अधिक आवश्यकता है। भारत के लिए केवल अमेरिका ही विदेशी व्यापार के मामले में सब कुछ नहीं होना चाहिए, भारत को अपने लिए नित नए बाजारों की तलाश भी करनी होगी। एक ही देश पर अत्यधिक निर्भरता उचित नहीं है। स्वदेशी उद्योगों को भी बढ़ावा देना ही होगा।

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