खालवाटिका की विरासत और सामाजिक समरसता का प्रतीक हैं महात्मा देवपाल मोची
कल्चुरी कालीन खालवाटिका और महात्मा देवपाल मोची की ऐतिहासिक विरासत पर केंद्रित सामाजिक समरसता संगोष्ठी 18 जनवरी को खल्लारी में आयोजित।
Read Moreकल्चुरी कालीन खालवाटिका और महात्मा देवपाल मोची की ऐतिहासिक विरासत पर केंद्रित सामाजिक समरसता संगोष्ठी 18 जनवरी को खल्लारी में आयोजित।
Read Moreछत्तीसगढ़ में 1975 से प्रारंभ हुआ आदर्श सामूहिक विवाह आंदोलन आज एक सामाजिक क्रांति का रूप ले चुका है, जो दहेज प्रथा, आर्थिक असमानता और जातिगत भेदभाव के विरुद्ध सशक्त संदेश देता है।
Read Moreडॉ. खूबचंद बघेल छत्तीसगढ़ की अस्मिता, स्वतंत्रता संग्राम और सामाजिक चेतना के पुरोधा थे, जिन्होंने राजनीतिक सिद्धांतों और क्षेत्रीय स्वाभिमान के लिए जीवनभर संघर्ष किया।
Read More“भक्त माता कर्मा की जीवनी भारतीय समाज में एक प्रेरणास्त्रोत के रूप में स्थापित है। उनका जन्म 11वीं सदी के उत्तर प्रदेश में हुआ था, और उनका जीवन श्री कृष्ण भक्ति और समाज सेवा के प्रतीक के रूप में प्रसिद्ध है। कर्मा माता की पूजा विशेष रूप से हिंदी भाषी क्षेत्रों, विशेष रूप से छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश में की जाती है, जहाँ उनके योगदान को धार्मिक और सामाजिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण माना जाता है। उनके जीवन की कहानियां न केवल भक्ति की, बल्कि वीरता और समाज में बदलाव लाने की प्रेरणा भी देती हैं।
Read Moreयावती ने लगभग 40 महिलाओं के साथ सभा स्थल में प्रवेश किया। महिलाओं का जत्था पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच खड़ा हो गया। पुलिस बल महिलाओं को हटाने बंदूक के संगीनों से धमकाने लगे। इससे दयावती बिफर गई और एक बंदूकधारी पुलिस वाले के सामने खड़ी होकर गोली चलाने के लिए ललकारने लगी।
Read Moreसन संतावन की क्रांति में छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व करने वाला गौरव ग्राम सोनाखान बलौदाबाजार जिला के कसडोल विकासखण्ड के अंतर्गत
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