प्रकृति, संस्कृति और रोमांच का अनोखा संगम जशपुर जम्बुरी
जशपुर जम्बुरी ने छत्तीसगढ़ में ग्रामीण पर्यटन को नई दिशा दी है। होम स्टे, लोक संस्कृति और एडवेंचर गतिविधियों से सजा यह उत्सव जशपुर को राष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर नई पहचान दे रहा है।
Read Moreजशपुर जम्बुरी ने छत्तीसगढ़ में ग्रामीण पर्यटन को नई दिशा दी है। होम स्टे, लोक संस्कृति और एडवेंचर गतिविधियों से सजा यह उत्सव जशपुर को राष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर नई पहचान दे रहा है।
Read Moreगुजरात के एकता नगर में सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती पर आयोजित एकता परेड में छत्तीसगढ़ की झांकी “बस्तर की धरती – संस्कृति, सृजन और प्रगति की गाथा” ने सबका मन मोह लिया। झांकी ने जनजातीय जीवन, लोक परंपराओं और विकास की नई तस्वीर पेश करते हुए यह संदेश दिया कि बस्तर अब परंपरा और प्रगति का संतुलित प्रतीक बन चुका है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने झांकी की सराहना की और इसे भारत की एकता और विविधता का जीवंत उदाहरण बताया।
Read Moreजशपुर जम्बूरी 2025 का आयोजन 6 से 9 नवम्बर तक होगा। यह उत्सव रोमांच, संस्कृति, पर्यटन और स्थानीय हस्तशिल्प को बढ़ावा देकर जशपुर को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाएगा।
Read Moreछत्तीसगढ़ के बस्तर में जगदलपुर एयरपोर्ट विकास का नया द्वार बना, अब तक तीन लाख यात्रियों ने ली सुविधा, पर्यटन, व्यापार और शिक्षा को मिला बढ़ावा
Read Moreछत्तीसगढ़ में रेल यातायात के विस्तार की दिशा में बड़ी प्रगति हुई है। जुलाई महीने से अभनपुर-राजिम रेलखंड पर यात्री ट्रेन सेवा शुरू होने की संभावना है, जबकि अभनपुर से धमतरी के बीच ब्रॉडगेज ट्रेन दिसंबर तक दौड़ने लगेगी। इससे धार्मिक और पर्यटन स्थलों के साथ क्षेत्रीय व्यापार को भी नई रफ्तार मिलेगी।
Read Moreमहासमुंद जिले के सरायपाली स्थित शिशुपाल पर्वत ट्रैकिंग और एडवेंचर के शौकीन युवाओं के लिए एक शानदान डेस्टिनेशन है। यह स्थान अपनी अद्वितीय प्राकृतिक सुंदरता और ऐतिहासिक महत्त्व के लिए जाना जाता है। राजधानी रायपुर से 157 किमी और सरायपाली से लगभग 20 किमी की दूरी पर स्थित यह पर्वत पर्यटकों को प्रकृति के करीब लाने का एक शानदार अवसर प्रदान करता है।
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