छत्तीसगढ़ पर्यटन

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झरनों में नहाने और वीडियो बनाने पर कार्रवाई, छत्तीसगढ़ प्रशासन का अल्टीमेटम

छत्तीसगढ़ के मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले में अब झरनों के पास नहाने या सेल्फी लेने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। अमृतधारा जलप्रपात में दो युवकों पर कार्रवाई के बाद प्रशासन ने चेतावनी दी है कि सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने वालों को जेल भेजा जा सकता है।

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छत्तीसगढ़ में पर्यटन विकास की असीम संभावनाएं, माओवाद है सबसे बड़ी चुनौती : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़ के बस्तर और सरगुजा क्षेत्रों में पर्यटन की अपार संभावनाओं को रेखांकित करते हुए माओवाद को सबसे बड़ी बाधा बताया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पर्यटन को उद्योग का दर्जा देने की दिशा में काम कर रही है और माओवादी गतिविधियों के स्थायी समाधान के लिए केंद्र के सहयोग से ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।

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तीन नदियों के संगम और आध्यात्मिक धरोहर का केंद्र सांकरदाहरा

सांकरदाहरा में शिवनाथ नदी के संगम के साथ डालाकस और कुर्रू नाला नदियां मिलती हैं। यहां नदी तीन धाराओं में बंट जाती है और फिर सांकरदाहरा के नीचे आपस में मिलती हैं। इस संगम पर स्थित मंदिर और नदी तट पर बनी भगवान शंकर की 32 फीट ऊंची विशालकाय मूर्ति हर आने वाले को मंत्रमुग्ध कर देती है। मंदिर का रमणीय दृश्य और नौका विहार की सुविधा इस स्थल को और भी खास बनाती है।

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शिशुपाल पर्वत नए पर्यटन स्थल के रूप में उभर कर आया सामने

महासमुंद जिले के सरायपाली स्थित शिशुपाल पर्वत ट्रैकिंग और एडवेंचर के शौकीन युवाओं के लिए एक शानदान डेस्टिनेशन है। यह स्थान अपनी अद्वितीय प्राकृतिक सुंदरता और ऐतिहासिक महत्त्व के लिए जाना जाता है। राजधानी रायपुर से 157 किमी और सरायपाली से लगभग 20 किमी की दूरी पर स्थित यह पर्वत पर्यटकों को प्रकृति के करीब लाने का एक शानदार अवसर प्रदान करता है।

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अद्भुत पर्यटन स्थल मीटियोरा

मीटियोरा प्राकृतिक और सांस्कृतिक धरोहर का अनूठा संगम है। यह स्थान आध्यात्मिक शांति, रोमांच, और अद्वितीय इतिहास का अनुभव प्रदान करता है। यह धार्मिक स्थल और प्रकृति प्रेमियों के लिए एक आदर्श पर्यटन स्थल है।

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एडवेंचर के शौकीन है तो एक्सप्लोर कीजिए छत्तीसगढ़ में गुफ़ाएं

वनवासी कहते हैं कि त्यौहारों के अवसरों पर इस गुफ़ा से मुहरी, चांग, डफ़ड़ा आदि प्राचीन वाद्ययंत्रों की ध्वनियाँ सुनाई देती हैं। आज तक यह रहस्य बना हुआ कि प्राचीन काल में बजाए जाने वाले इन वाद्यों का वादन त्यौहारों के अवसर कौन करता है?

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