छत्तीसगढ़ में हैरिटेज वॉक श्रृंखला : रायपुर के इतिहास की खोज

रायपुर के इतिहास के बारे में बताया कि कलचुरि शासक ब्रह्मदेव के दो शिलालेख पंद्रहवीं सदी के आरंभिक वर्षों के हैं, जिनसे ब्रह्मदेव के वंश में उसके पिता रामचंद्र के क्रम में सिंहण और लक्ष्मीदेव की जानकारी मिलती है। रायपुर शहर का उल्लेख 1790 में आए अंग्रेज यात्री डेनियल रॉबिन्सन लेकी के यात्रा वृतांत में भी मिलता है, जिसमें उन्होंने बताया कि यहां बड़ी संख्या में व्यापारी और धनाढ्य लोग निवास करते हैं।

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एडवेंचर के शौकीन है तो एक्सप्लोर कीजिए छत्तीसगढ़ में गुफ़ाएं

वनवासी कहते हैं कि त्यौहारों के अवसरों पर इस गुफ़ा से मुहरी, चांग, डफ़ड़ा आदि प्राचीन वाद्ययंत्रों की ध्वनियाँ सुनाई देती हैं। आज तक यह रहस्य बना हुआ कि प्राचीन काल में बजाए जाने वाले इन वाद्यों का वादन त्यौहारों के अवसर कौन करता है?

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