काशी विश्वनाथ

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आमलकी व्रत और रंगभरी उत्सव का सांस्कृतिक महत्व

इसी मधुर ऋतु परिवर्तन के बीच एक तिथि आती है जो संयम और उत्सव दोनों को साथ लेकर चलती है। यह है फाल्गुन शुक्ल एकादशी। यही दिन आमलकी एकादशी के रूप में भी जाना जाता है और काशी की परंपरा में रंगभरी एकादशी के रूप में भी मनाया जाता है।

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राजमाता अहिल्याबाई होलकर की 300वीं जयंती पर रायपुर में भव्य नाट्य मंचन, मुख्यमंत्री ने बताए उनके सनातन और सुशासन के योगदान

रायपुर में आयोजित नाट्य मंचन में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राजमाता अहिल्याबाई होलकर की 300वीं जयंती पर उनके सुशासन, सांस्कृतिक योगदान और धार्मिक पुनर्जागरण कार्यों की सराहना की।

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श्रावण मास में शैवोपासना एवं प्रमुख शिवालय

श्रावण मास हिन्दू कैलेंडर के अनुसार पंचांग के सबसे पवित्र महीनों में से एक है। इस महीने में शिव भक्त विभिन्न धार्मिक क्रियाओं और अनुष्ठानों के माध्यम से भगवान शिव को प्रसन्न करने का प्रयास करते हैं। श्रावण मास का नामकरण ‘श्रवण’ नक्षत्र के आधार पर हुआ है जो इस महीने में प्रमुख रूप से दिखाई देता है।

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