उमेश कुमार चौरसिया

futuredपुस्तक समीक्षा

संघ और प्रचारक जीवन को समझने की दृष्टि देता है ‘तत्वमसि’ उपन्यास – पुस्तक चर्चा

‘तत्वमसि’ उपन्यास के माध्यम से श्रीधर पराड़कर ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और प्रचारक जीवन के त्याग, अनुशासन, राष्ट्रसेवा एवं भारतीय दर्शन को सरल और रोचक शैली में प्रस्तुत किया है।

Read More
futuredलोक-संस्कृति

लोक कल्याण के संवाहक पत्रकार थे देवर्षि नारद

देवर्षि नारद को केवल पौराणिक पात्र ही नहीं, बल्कि लोककल्याण के संवाहक और आदर्श पत्रकार के रूप में समझना आवश्यक है। निष्पक्षता, सत्य और संवाद की उनकी परंपरा आज भी पत्रकारिता के लिए मार्गदर्शक है।

Read More
futuredधर्म-अध्यात्म

अक्षय तृतीया का धार्मिक, पौराणिक एवं सांस्कृतिक महत्व : भगवान परशुराम अवतरण दिवस

अक्षय तृतीया का धार्मिक और पौराणिक महत्व, भगवान परशुराम अवतरण, अक्षय पात्र की कथा, गंगा अवतरण, महाभारत रचना आरंभ और अबूझ मुहूर्त के रूप में इसकी विशेषता।

Read More
futuredइतिहास

आघातों के बीच अडिग सनातन आस्था का शाश्वत प्रतीक सोमनाथ

सोमनाथ मंदिर का इतिहास आक्रमणों, पुनर्निर्माण और सनातन आस्था की अडिग परंपरा की कहानी कहता है, जो भारत के आत्मगौरव और राष्ट्रीय चेतना का प्रतीक है।

Read More
futuredपॉजिटिव स्टोरी

भारत की आत्मा का स्वर और राष्ट्र चेतना का गीत वन्दे मातरम्

बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा 7 नवम्बर 1875 को रचित “वन्दे मातरम्” राष्ट्रगीत भारतीय संस्कृति, मातृभूमि के प्रति भक्ति और राष्ट्रीय एकता का प्रतीक है। यह गीत आज भी भारत की आत्मा का ओजस्वी स्वर बना हुआ है।

Read More