आघातों के बीच अडिग सनातन आस्था का शाश्वत प्रतीक सोमनाथ
सोमनाथ मंदिर का इतिहास आक्रमणों, पुनर्निर्माण और सनातन आस्था की अडिग परंपरा की कहानी कहता है, जो भारत के आत्मगौरव और राष्ट्रीय चेतना का प्रतीक है।
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Read Moreबंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा 7 नवम्बर 1875 को रचित “वन्दे मातरम्” राष्ट्रगीत भारतीय संस्कृति, मातृभूमि के प्रति भक्ति और राष्ट्रीय एकता का प्रतीक है। यह गीत आज भी भारत की आत्मा का ओजस्वी स्वर बना हुआ है।
Read Moreनवरात्र की पौराणिक कथा, महिषासुर वध, शक्ति के नौ रूप, वैज्ञानिक दृष्टि और आयुर्वेदिक महत्व का समग्र वर्णन।
Read Moreमहाकवि गोस्वामी तुलसीदास ने रामचरितमानस सहित अनेक कृतियों के माध्यम से धार्मिक, सामाजिक व जीवनमूल्यों का मार्गदर्शन किया है। उनका साहित्य आज भी मानवता की राह दिखा रहा है।
Read Moreगुरु पूर्णिमा पर आधारित यह आलेख भारतीय गुरू-शिष्य परंपरा, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ द्वारा भगवद्ध्वज पूजन की परंपरा, और सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की गहराई से व्याख्या करता है।
Read More‘एक मंदिर के सामने एक सन्यासी रहता था और उसी के पास वाले घर में एक वेश्या भी रहती थी । सन्यासी रोजाना उस वेश्या पर चिल्लाता, उसकी निन्दा करता। उधर वेश्या अपने दुष्कर्म का पश्चाताप करते हुए सदैव ईश्वर की प्रार्थना में लीन रहती।
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