आदिवासी संस्कृति

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मुख्यमंत्री ने संबलपुर में किया मांदरी महोत्सव का समापन, ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत पेड़ लगाने की अपील

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज कांकेर जिले के संबलपुर हाई स्कूल कराठी में आयोजित दो दिवसीय बुढालपेन करसाड़ एवं मांदरी महोत्सव 2025 के समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। यह महोत्सव क्षेत्र की पारंपरिक आदिवासी संस्कृति और परंपराओं को सहेजने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।

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फसल उत्सव करमा नृत्य और जैव विविधता का महत्व

करमा नृत्य के बारे में कई पौराणिक कहानियाँ और धार्मिक धारणाएँ प्रचलित हैं। इसका संबंध ‘करम’ देवता से जोड़ा जाता है, जिन्हें कर्म का प्रतीक माना जाता है। करम देवता की पूजा फसलों की अच्छी पैदावार और परिवार की खुशहाली के लिए की जाती है।

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साय सरकार की नीतियों से निखर रहा आदिवासी समुदायों का जीवन

सुरक्षा और विकास के दोहरे मोर्चे पर काम करते हुए छत्तीसगढ़ सरकार ने बड़ी उपलब्धि हासिल की है| इन्हीं प्रयासों का परिणाम है कि आज अनुपात के हिसाब से छत्तीसगढ़ का बस्तर देश में सबसे सैन्य संवेदनशील क्षेत्र बन चुका है, बस्तर डिवीजन में प्रत्येक 9 नागरिकों के पीछे एक पैरामिलिट्री का जवान है|

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