हिंदू समाज की सुरक्षा और एकता में शत्रुबोध की आवश्यकता
हिंदू समाज में शत्रुबोध की अवधारणा, उसके क्षरण के कारण, सेकुलर विमर्श की भूमिका और वर्तमान संदर्भों का संतुलित, तथ्याधारित व मानवीय विश्लेषण।
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Read Moreरायगढ़ के दानवीर सेठ किरोड़ीमल के योगदान, पॉलिटेक्निक कॉलेज के नाम परिवर्तन विवाद और इससे जुड़ी भावनाओं व ऐतिहासिक महत्व का विस्तृत विश्लेषण।
Read Moreरंग पंचमी भारतीय चेतना का जीवंत प्रतीक है। यह बताती है कि रंग केवल उत्सव का माध्यम नहीं बल्कि प्रेम, भक्ति और जीवन की ऊर्जा का प्रतीक हैं। कालिदास, जयदेव और सूरदास की काव्य परंपरा हमें यह सिखाती है कि रंग तभी सार्थक हैं जब वे मन की शुद्धि और प्रेम की भावना से जुड़े हों।
Read Moreवसंत ऋतु में खिलने वाले पलाश वृक्ष का वैदिक, सांस्कृतिक, साहित्यिक, लोकजीवन, औषधीय और पारंपरिक उपयोगों के संदर्भ में विस्तृत परिचय।
Read Moreशिवाजी की नौसेना का निर्माण भी स्वाभिमान का प्रतीक था। उन्होंने सिद्दी और पुर्तगालियों के समुद्री आक्रमणों से बचाव के लिए 400 जहाजों की नौसेना खड़ी की। सिंधुदुर्ग दुर्ग को नौसेना का मुख्यालय बनाया। वे भारतीय नौसेना के जनक कहे जाते हैं।
Read Moreभारत-ईरान संबंधों का भू-राजनीतिक विश्लेषण जिसमें 1965 और 1971 के युद्ध, कश्मीर पर ईरान के बयान, ऊर्जा व्यापार, चीन-पाकिस्तान समीकरण और चाबहार परियोजना के संदर्भ में दोनों देशों के वास्तविक हितों को समझाया गया है।
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