रोग नहीं, रोगी का उपचार करते थे प्राचीन भारत के वैद्य
प्राचीन भारत के वैद्यों की गौरवशाली चिकित्सा परंपरा, चरक और सुश्रुत का योगदान, रोगी केंद्रित उपचार, आयुर्वेद की वैज्ञानिकता तथा आधुनिक चिकित्सा की सीमाओं पर तथ्यात्मक विशेष आलेख।
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Read Moreसरकारी और सार्वजनिक कार्यक्रमों में बढ़ती बुके संस्कृति के आर्थिक एवं पर्यावरणीय दुष्प्रभावों का विश्लेषण तथा भारतीय स्वागत परंपराओं जैसे पौधा, पुस्तक, श्रीफल और अंगवस्त्र को पुनर्जीवित करने की आवश्यकता पर केंद्रित संपादकीय।
Read Moreसंत कबीर की लोकभाषा, निर्गुण भक्ति, सामाजिक चेतना, जाति-विरोध, पाखंड-भंजन, लोकमंगल और कालजयी दोहों का विस्तृत एवं विश्लेषणात्मक अध्ययन।
Read Moreसरगुजा का रामगढ़ प्रागैतिहासिक मानव बसाहट, प्राचीन नाट्यशाला, कालिदास की मेघदूत परंपरा, मौर्यकालीन अभिलेख और रामायण संस्कृति का अद्वितीय संगम है। धरोहर संरक्षण, शोध और पर्यटन विकास के माध्यम से इसे यूनेस्को विश्व धरोहर सूची में शामिल कराने की संभावनाओं पर विशेष आलेख।
Read Moreविश्व प्रकृति संरक्षण दिवस के अवसर पर भारत की जैव विविधता, पर्यावरणीय चुनौतियों, वन संरक्षण आंदोलनों, जल संकट, प्रदूषण और सतत विकास की आवश्यकता पर आधारित एक विस्तृत विश्लेषणात्मक आलेख।
Read Moreआज सबसे बड़ा प्रश्न यही है कि यदि पासपोर्ट नहीं, तो फिर क्या? इस प्रश्न का उत्तर जितनी शीघ्रता से सरकार देगी, उतनी ही शीघ्रता से भ्रम समाप्त होगा और नागरिकों का विश्वास भी मजबूत होगा। लोकतंत्र में नागरिक से प्रमाण मांगना अनुचित नहीं है, लेकिन उससे पहले यह बताना अनिवार्य है कि वह प्रमाण आखिर है क्या?
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