दया, प्रेम और समन्वय के प्रतीक संत दादू दयाल
भारतीय संत परंपरा में कुछ ऐसे नाम हैं जिनकी उपस्थिति केवल इतिहास की पंक्तियों में सीमित नहीं रहती, बल्कि लोकमानस की धड़कनों में बस जाती है। संत दादू दयाल उन्हीं दिव्य व्यक्तित्वों में से एक हैं।
Read Moreभारतीय संत परंपरा में कुछ ऐसे नाम हैं जिनकी उपस्थिति केवल इतिहास की पंक्तियों में सीमित नहीं रहती, बल्कि लोकमानस की धड़कनों में बस जाती है। संत दादू दयाल उन्हीं दिव्य व्यक्तित्वों में से एक हैं।
Read Moreछत्तीसगढ़ विशेषकर बस्तर में पाए जाने वाले छिंद वृक्ष का ऐतिहासिक, पारिस्थितिक और सांस्कृतिक महत्व। जैव विविधता संरक्षण से लेकर छिंद रस और गुड़ के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था सशक्त करने की पहल पर विस्तृत आलेख।
Read Moreवीर बुधू भगत के जीवन, कोल विद्रोह 1831–32 में उनकी भूमिका, आदिवासी अस्मिता और ब्रिटिश शोषण के विरुद्ध उनके संगठित संघर्ष की प्रेरक और शोधपरक कथा।
Read Moreवेलेंटाइन डे के बढ़ते प्रभाव के बीच भारतीय संस्कृति में अपसंस्कृतिकरण, सांस्कृतिक प्रदूषण और नैतिक वर्जनाओं के क्षरण पर गहन विश्लेषण। परंपरा, परिवार और आधुनिकता के टकराव पर केंद्रित विशेष आलेख।
Read Moreग्रामीण भारत में रेडियो सूचना और मनोरंजन का प्रमुख माध्यम था। इसी रेडियो ने 25 जून 1975 को आपातकाल की घोषणा और 21 मार्च 1977 को उसके समाप्त होने की खबर सुनाई। एक ग्रामीण बालक की स्मृतियों में दर्ज उस दौर का भावनात्मक संस्मरण।
Read Moreमहर्षि दयानंद सरस्वती ने उन्नीसवीं सदी में वेदों की ओर लौटने का आह्वान करते हुए सामाजिक कुरीतियों, अंधविश्वास और जातिगत भेदभाव के विरुद्ध व्यापक आंदोलन चलाया। आर्य समाज की स्थापना और शिक्षा सुधार के माध्यम से उन्होंने भारतीय पुनर्जागरण को नई दिशा दी।
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